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    कांवड़ मेले से पहले हरिद्वार हाईवे पर बढ़ा यात्रियों का जमावड़ा, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

    Updated: Fri, 24 Jul 2026 08:17 AM (IST)

    कांवड़ मेला विधिवत शुरू होने से पहले ही हरिद्वार में यात्रियों की संख्या बढ़ गई है, जिससे हाईवे पर हादसों का खतरा मंडरा रहा है। ...और पढ़ें

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    जागरण संवाददाता, हरिद्वार। श्रावण मास कांवड़ मेला विधिवत शुरू होने से पहले कांवड़ यात्रियों की संख्या बढ़ गई है। हाईवे पर भारी यातायात के बीच कांवड़ यात्री गंगा जल लेकर चल रहे हैं। जिससे हादसों का खतरा बना हुआ है।

    वहीं, पुलिस की ड्यूटी अभी शुरू नहीं हुई है। ऐसे में हाईवे पर कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था भगवान भरोसे संचालित हो रही है।

    कांवड़ यात्रियों की लगातार आवाजाही

    कांवड़ मेला 30 जुलाई से विधिवत शुरू होना है, लेकिन उससे पहले ही हरिद्वार की सड़कों पर कांवड़ यात्रियों की बढ़ती संख्या ने यातायात व्यवस्था की चुनौती बढ़ा दी है।

    पैदल कांवड़ यात्रियों के साथ-साथ डाक कांवड़ और आकर्षक झांकियों वाले वाहन भी बड़ी संख्या में हरिद्वार पहुंचने लगे हैं। इसका सीधा असर दिल्ली-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग सहित शहर से जुड़े प्रमुख मार्गों पर दिखाई देने लगा है। सुबह से देर रात तक हाईवे पर कांवड़ यात्रियों की लगातार आवाजाही बनी हुई है।

    कई स्थानों पर डाक कांवड़ के वाहन तेज गति से गुजर रहे हैं, जबकि बड़ी संख्या में पैदल कांवड़ यात्री भी सड़क किनारे चल रहे हैं। ऐसे में सामान्य वाहनों और कांवड़ यात्रियों के बीच संतुलन बनाए रखना चुनौती बनता जा रहा है। अभी तक मेला ड्यूटी शुरू नहीं हुई है, इसलिए यातायात संचालन के लिए पुलिस बल और विशेष प्रबंधन भी नजर नहीं आ रहा है।

    हाईवे किनारे कर रहे विश्राम

    रात के समय हाईवे के किनारे कई स्थानों पर कांवड़ यात्री रात के समय विश्राम करते दिखाई दे रहे हैं। दरअसल, मेला शुरू होने पर कांवड़ पटरी मार्ग पर जगह-जगह कांवड़ सेवा शिविर संचालित होते हैं। जिनमें कांवड़ यात्री ठहरते हैं, इन शिविरों में खाने-पीने से लेकर आराम करने की पूरी सुविधा होती है। लेकिन, अभी सेवा शिविर भी शुरू नहीं हुए हैं।

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    ऐसे में कांवड़ यात्री हाईवे किनारे खुले में आराम कर रहे हैं। हाईवे, सर्विस लेन और खुले स्थानों में कांवड़ यात्रियों की बढ़ती संख्या खासतौर पर अंधेरे वाली जगहों पर हादसों की घंटी बजा रही है। रात के समय तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही के बीच यह स्थिति सुरक्षा के लिहाज से गंभीर मानी जा रही है।

    यातायात भी हो रहा प्रभावित

    हाईवे पर कई जगहों पर जाम जैसी स्थिति बनने लगी है। विशेषकर डाक कांवड़ के गुजरने के दौरान अन्य वाहनों को रुकना पड़ता है, जिससे यातायात प्रभावित हो रहा है। आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ने की संभावना है। ऐसे में यदि समय रहते प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन लागू नहीं किया गया तो स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है।

    मेला ड्यूटी शुरू होने पर सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा, लेकिन मौजूदा हालात यह संकेत दे रहे हैं कि कांवड़ यात्रा की आहट के साथ ही व्यवस्थाओं की परीक्षा शुरू हो चुकी है।

    मेला ड्यूटी 29 जुलाई से शुरू हो जाएगी, लेकिन उससे पहले सभी थाना कोतवाली प्रभारियों, यातायात पुलिस व सीपीयू को इस संबंध में निर्देशित किया गया है। हाईवे पर विश्राम करने वाले कांवड़ यात्रियों को सुरक्षित जगहों पर भेजने के लिए कहा गया है। रात में गश्त करने वाली टीमों को विशेष रूप से निर्देशित किया गया है। कांवड़ यात्रियों से भी अपील है कि सुरक्षित जगहों पर ही पड़ाव डालें। - नवनीत सिंह, एसएसपी हरिद्वार

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