उत्तराखंड में SIR अभियान में बवाल, विधायक और जिंप सदस्य के बीच तीखी नोकझोंक
रुड़की के सालियर गांव में मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान के दौरान कांग्रेस विधायक वीरेंद्र जाती ने भाजपा नेता द्वारा बड़ी संख्या में फॉर्म-7 जमा करने पर ...और पढ़ें

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जागरण संवाददाता, रुड़की। झबरेड़ा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सालियर स्थित राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के दौरान शुक्रवार को उस समय विवाद की स्थिति बन गई।
जब भाजपा नेता द्वारा एक साथ बड़ी संख्या में फॉर्म-7 जमा किए जाने पर कांग्रेस विधायक वीरेंद्र जाती ने आपत्ति जताई। इस दौरान विधायक और जिला पंचायत सदस्य जितेंद्र कुमार के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।
नोटिसों पर प्राप्त आपत्तियों की जांच
राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में मतदाता सूची से संबंधित दावों और आपत्तियों की सुनवाई के लिए केंद्र बनाया गया है, जहां सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ) ग्रामीणों को जारी नोटिसों पर प्राप्त आपत्तियों की जांच कर रहे हैं।
राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में मतदाता सूची से संबंधित दावों और आपत्तियों की सुनवाई के लिए केंद्र बनाया गया है, जहां सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ) ग्रामीणों को जारी नोटिसों पर प्राप्त आपत्तियों की जांच कर रहे हैं। इसी दौरान भाजपा नेता एवं बीएल-2 राजीव त्यागी द्वारा करीब 30 फॉर्म-7 जमा किए जाने की जानकारी सामने आई।
सूचना मिलते ही विधायक वीरेंद्र जाती मौके पर पहुंचे और उन्होंने इसे निर्वाचन आयोग के नियमों के विपरीत बताते हुए कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। विधायक का कहना था कि नियमानुसार एक व्यक्ति पांच से अधिक फॉर्म-7 जमा नहीं कर सकता। ऐसे में एक साथ 30 फॉर्म-7 स्वीकार किए जाने की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। विवाद के दौरान भाजपा नेता राजीव त्यागी स्वयं मौके पर मौजूद नहीं थे। उनकी ओर से जिला पंचायत सदस्य जितेंद्र कुमार वहां पहुंचे।
इस दौरान विधायक वीरेंद्र जाती, जितेंद्र कुमार और ग्रामीणों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। ग्रामीणों के विरोध के बाद जितेंद्र कुमार वहां से लौट गये। विधायक वीरेंद्र जाती ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान से जुड़ी पूरी प्रक्रिया निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही होनी चाहिए। किसी भी प्रकार की नियमविरुद्ध कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि पूरे प्रकरण की जानकारी उच्च निर्वाचन अधिकारियों को दे दी गई है तथा निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
समाचार लिखे जाने तक भाजपा नेता राजीव त्यागी तथा संबंधित निर्वाचन अधिकारियों का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका। इसलिए उनके पक्ष की प्रतीक्षा है।