नौतपा से पहले ही हरिद्वार में भीषण गर्मी, पारा पहुंचा 42 डिग्री के पार
धर्मनगरी हरिद्वार में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे भीषण गर्मी ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। ...और पढ़ें

इन दिनों धर्मनगरी हरिद्वार में भीषण गर्मी पड़ रही है।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
शैलेंद्र गोदियाल, हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में गुरुवार को गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया। आसमान से बरस रही आग और झुलसाने वाली धूप ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया।
गुरुवार को अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे पूरे शहर से लेकर देहात तक गर्मी का कहर साफ दिखाई दिया। दोपहर के समय प्रमुख बाजारों, चौराहों और सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा।

लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले, जबकि बाजारों में भी भीड़ सामान्य दिनों की तुलना में काफी कम रही। हालांकि, ये तपन अभी रुकने वाली नहीं है।
25 मई से नौतपा शुरू होने वाला है। जिसमें इन नौ दिनों में भीषण गर्मी पड़ती है। जिससे धरती पर और आग बरसेगी और भीषण गर्मी के साथ लू चलने की भी आशंका है।

पिछले तीन दिनों से भीषण गर्मी के चलते सबसे अधिक परेशानी दिहाड़ी मजदूरों, रिक्शा चालकों, सफाई कर्मियों और राहगीरों को उठानी पड़ी।
तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों को चक्कर आने, सिर दर्द और बेचैनी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा। अस्पतालों और क्लीनिकों में भी डिहाइड्रेशन, उल्टी और गर्मी से जुड़ी शिकायतों वाले मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है।

मौसम के लगातार बढ़ते तेवरों के बीच अब लोगों की चिंता इसलिए भी बढ़ गई है, वह इसलिए कि 25 मई से नौतपा शुरू होने जा रहा है।
मान्यता के अनुसार नौतपा के नौ दिनों में सूर्य का प्रभाव सबसे अधिक रहता है और इसी दौरान भीषण गर्मी तथा लू का प्रकोप चरम पर पहुंच जाता है।
इस बार नौतपा 25 मई से दो जून तक प्रभावी रहेगा। मौसम विशेषज्ञों और ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इन दिनों में तापमान और अधिक बढ़ सकता है।

ज्योतिषाचार्य डा. चंडी प्रसाद घिल्डियाल ने बताया कि जब सूर्य वृषभ राशि में स्थित होकर रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तब नौतपा की शुरुआत होती है।
रोहिणी नक्षत्र के स्वामी चंद्रमा को शीतलता का कारक माना जाता है, जबकि सूर्य अग्नि तत्व के प्रतीक हैं। दोनों के इस विशेष संयोग से वातावरण में गर्मी का प्रभाव तीव्र हो जाता है।
इसी कारण नौतपा के दौरान सूर्य की किरणें अधिक प्रखर महसूस होती हैं और धरती का तापमान तेजी से बढ़ने लगता है।
उन्होंने कहा कि धार्मिक मान्यताओं में नौतपा के दौरान प्यासे लोगों को ठंडा जल पिलाना, मटका दान करना और राहगीरों के लिए पेयजल की व्यवस्था करना पुण्यदायी माना गया है।
लगातार बढ़ रहा तापमान
| दिनांक | अधिकतम तापमान | न्यूनतम तापमान |
| 18 मई | 37 | 21.5 |
| 19 मई | 40 | 24.5 |
| 20 मई | 40 | 23.5 |
| 21 मई | 42 | .23.5 |
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