नई शिक्षा नीति के बाद Uttarakhand में फीकी पड़ी इस कोर्स की चमक, कुमाऊं में अब तक 26 एडमिशन
कुमाऊं विश्वविद्यालय द्वारा बीकॉम ऑनर्स हटाने और नई शिक्षा नीति लागू करने के बाद कोर्स की चमक फीकी पड़ गई है। ...और पढ़ें


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, हल्द्वानी । कुमाऊं विश्वविद्यालय ने व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू करते हुए बीकॉम ऑनर्स के स्वरूप को भी बदल दिया है। स्नातक कामर्स के प्रोफेशनल कोर्स में विशेषज्ञता डिग्री की व्यवस्था बनाई है। इसी के हिसाब से दाखिले भी किए जा रहे हैं।
ऐसे में बीकॉम से ऑनर्स हटाते ही कोर्स की चमक फीकी पड़ गई है। पाठ्यक्रम संचालित करने वाले एकमात्र सरकारी कालेज महिला महाविद्यालय में पिछले वर्ष के मुकाबले धीमी गति से एडमिशन हो रहे हैं।
हर साल रहती थी दाखिलों को लेकर मारामारी
दरअसल, वर्ष 2015-16 में संस्थान को वाणिज्य महाविद्यालय का दर्ज मिलने के बाद यहां बीकॉम ऑनर्स पाठ्यक्रम शुरू किया गया था। कोर्स में 60 सीटें स्वीकृत की गई थीं। इसमें हर साल दाखिलों को लेकर मारामारी की स्थिति रहती थी। लेकिन, कुमाऊं विश्वविद्यालय ने एनईपी के अनुसार पाठ्यक्रम का स्वरूप बदलते हुए विशेषज्ञता के अनुसार आवेदन फार्म भरवाए।
यहां बीकॉम इन अकाउंट एंड फाइनेंस और बैंकिंग फाइनेंस में 90 से अधिक छात्राओं ने आवेदन किया था, जिसमें से बैंकिंग एंड फाइनेंस में 18 और अकाउंट एंड फाइनेंस में सिर्फ आठ प्रवेश ही हुए हैं।
दो सप्ताह से अधिक समय गुजरने के बावजूद महज 26 प्रवेश होने पर शिक्षक चिंतित हैं। कामर्स के विभागाध्यक्ष डा. दिनेश जोशी ने आवेदन करने वाली छात्राओं से समय पर प्रवेश लेने की अपील की है।
यह भी पढ़ें- कुमाऊं विश्वविद्यालय प्रवेश: समर्थ पोर्टल दूसरे दिन ही हुआ 'असमर्थ', छात्र परेशान
यह भी पढ़ें- कुमाऊं विश्वविद्यालय एडमिशन प्रोसेस जारी, बीए में प्रवेश लेने वाले छात्रों की संख्या सबसे ज्यादा