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    रामनगर: कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में मौत के जबड़े से साथी को खींच लाए वनकर्मी, हवाई फायरिंग कर भगाया बाघ

    Updated: Mon, 20 Jul 2026 07:59 PM (IST)

    कार्बेट टाइगर रिजर्व में गश्त के दौरान एक वनकर्मी पर बाघ ने हमला कर दिया, लेकिन उसके बहादुर साथियों ने हवाई फायरिंग कर और शोर मचाकर उसे मौत के जबड़े स ...और पढ़ें

    सांकेतिक तस्वीर।

    सांकेतिक तस्वीर।

    HighLights

    1. गश्त के दौरान वनकर्मी पर बाघ ने किया हमला

    2. साथी वनकर्मियों ने हवाई फायरिंग कर बाघ को भगाया

    3. घायल वनकर्मी को प्राथमिक उपचार के बाद काशीपुर रेफर

    जागरण संवाददाता, रामनगर (नैनीताल)। कार्बेट टाइगर रिजर्व के जंगल में बाघ ने गश्त के दौरान एक वनकर्मी पर हमला कर उसे घायल दिया। लेकिन आगे चल रहे बहादुर चार वन कर्मी बाघ के चंगुल से अपने साथी को छुड़ा लाए।

    वन कर्मियों ने बिना डरे हवाई फायरिंग की और शोर मचाते हुए जमीन पर लाठी फटकारी तो बाघ दैनिक श्रमिक को छोड़कर भाग गया। अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उसे काशीपुर के एक निजी अस्पताल में रेफर किया गया है।

    रामनगर के सुंदरखाल गांव निवासी पीतांबर सौनी (30) पुत्र मोहन राम कार्बेट टाइगर रिजर्व के सर्पदुली रेंज में दैनिक श्रमिक के रूप में कार्यरत है।

    Injured In Tiger Attack

    सोमवार शाम को चार बजे के करीब वन कर्मी योगेंद्र रावत, नवीन, दैनिक श्रमिक पीताबंर सौनी, रामनाथ, मनोज कुमार जंगल से गश्त करके सर्पदुली कैंपस में वापस लौट रहे थे।

    चारों वनकर्मी आगे चल रहे थे, जबकि पीतांबर सबसे पीछे था। वन कर्मियों के पास सुरक्षा के लिए बंदूक व लाठियां थी। तभी झाड़ी में घात लगाकर बैठे बाघ ने पीताबंर पर हमला कर दिया।

    बताया जाता है कि बाघ के झपटने पर पीताबंर जमीन पर नीचे गिर गया। इसके बाद बाघ उसे अपने जबड़े में दबोचने का प्रयास करने लगा।

    यह देख एक वन वनकर्मी ने बिना समय गंवाए बाघ को भगाने के लिए सरकारी बंदूक से कई राउंड हवाई फायरिंग की और अन्य वनकर्मी शोर मचाते हुए जमीन पर लाठी फटकारते रहे।

    ऐसे में हमलावर बाघ पीताबंर पर अपनी पकड़ नहीं बना सका और वह भाग गया। साथी वनकर्मी पीताबंर को तत्काल सुरक्षित स्थान तक लाए और फोन से अधिकारियों को सूचना दी।

    विभागीय वाहन से पीताबंर को सरकारी अस्पताल लाया गया। बाघ ने उसके आगे गले के समीप पंजे से जख्म बनाए हैं। पार्क वार्डन बिंदर पाल व सर्पदुली रेंजर संजय पांडे ने घटना की जानकारी ली। प्राथमिक उपचार के बाद काशीपुर के लिए रेफर कर दिया।

    पार्क वार्डन बिंदर पाल ने बताया कि वनकर्मियों ने हवाई फायरिंग फायरिंग व त्वरित कार्रवाई करते हुए बाघ के मुंह से अपने साथी को छुड़ाया है। इधर अस्पताल में घायल दैनिक श्रमिक के स्वजन को वनाधिकारियों ने ढांढ़स बंधाया।

    मानसून में गश्त के लिए जारी किए गए यह दिशा निर्देश

    मानसून में जंगल घने हो गए हैं। ऐसे में मानसून गश्त के दौरान विभाग की ओर से दिशा निर्देश भी जारी किए हैं। इसमें कहा गया है कि जंगल में गश्त के दौरान बिना सुरक्षा उपकरण के कोई नहीं जाएगा।गश्त में अधिकतम पांच छह लोग साथ में जाएंगे। गश्त में आने व जाने की सूचना बताएंगे। साथ में बंदूक, स्मार्ट स्टिक, लाठी जरूरी है। गश्त में चलते समय ज्यादा दूरी न हो। थकान लगने पर बैठने पर चारों ओर को मुंह करके बैठे। ताकि बाघ दिख जाए।

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    वनकर्मी पर बाघ ने हमला किया था। वनकर्मी की हालत खतरे से बाहर है। उसे प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर उपचार के लिए काशीपुर के अस्पताल में ले जाया गया है। उसकी निगरानी विभागीय स्टाफ कर रहा है।

    साकेत बडोला, निदेशक कार्बेट टाइगर रिजर्व, रामनगर

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