कार्बेट टाइगर रिजर्व में वन कर्मियों की मुहिम रंग लाई: 2 माह के बिछड़े हाथी के बच्चे को झुंड से मिलाया
कार्बेट टाइगर रिजर्व के झिरना वन क्षेत्र में वन कर्मियों ने दो माह के बिछड़े हाथी के बच्चे को उसके झुंड से सफलतापूर्वक मिला दिया। ...और पढ़ें

कार्बेट के झिरना रेंज में बिछुड़ा हाथी का बच्चा बुधवार को फिर अपने झुंड में शामिल हो गया। इससे वनकर्मियों ने भी राहत की सांस ली। फोटो-साभार- कार्बेट टाइगर रिजर्व
HighLights
वन कर्मियों ने दो माह के बिछड़े हाथी के बच्चे को बचाया
कई प्रयासों के बाद बच्चे को उसके झुंड से मिलाया गया
कार्बेट निदेशक ने पुष्टि की, क्षेत्र में निगरानी जारी
जागरण संवाददाता, रामनगर (नैनीताल)। कार्बेट के जंगल में दो माह के हाथी के बच्चे को उसके झुंड से मिलाने में वन कर्मियों को सफलता मिल गई है।
यह बच्चा अपने परिवार से बिछड़ गया था। वन कर्मियों ने उसे अब सुरक्षित रूप से उसके झुंड में लौटा दिया।
सोमवार को कार्बेट टाइगर रिजर्व के झिरना वन क्षेत्र में वन कर्मियों ने इस हाथी के बच्चे को अकेला पाया था।
वन कर्मी ग्रासलैंड में ही उसकी निगरानी करते रहे, लेकिन वहां से गुजरने वाले हाथियों ने उसे अपने साथ नहीं लिया।
शाम को बाघ के हमले के खतरे को देखते हुए वन कर्मियों ने बच्चे को वन चौकी में सुरक्षित रखा।
मंगलवार को जब वन कर्मियों ने फिर से बच्चे को हाथियों के झुंड में छोड़ने का प्रयास किया, तो कोई हाथी उसे अपने साथ नहीं ले गया। इस स्थिति को देखते हुए, विभाग ने निर्णय लिया कि बच्चे को अपने पास ही रखा जाए।
इधर, बुधवार की सुबह जब एक और हाथियों का झुंड झिरना क्षेत्र में दिखाई दिया, तो वन कर्मियों ने एक बार और प्रयास करते हुए बच्चे को कुछ दूरी पर ले जाकर छोड़ दिया।
इस बार बच्चा हाथियों के झुंड में शामिल हो गया और झुंड ने उसे अपने साथ ले लिया। सुबह इसकी जानकारी वन कर्मियों ने विभागीय अधिकारियों को दी। हाथी के बच्चे के उसके झुंड से मिलने पर वन कर्मियों ने राहत की सांस ली।
कार्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक साकेत बडोला ने बताया कि हाथियों का झुंड बच्चे को अपने साथ ले गया है। इससे स्पष्ट है कि यह बच्चा इसी झुंड से बिछड़ गया था।
हालांकि, सुरक्षा के दृष्टि से उस क्षेत्र में फील्ड स्टाफ को निगरानी रखने के लिए कहा गया है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हाथी का बच्चा अपने परिवार के साथ सुरक्षित है।
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