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    अब दूसरे राज्यों के जंगलों में भी दहाड़ेंगे कार्बेट के रेस्क्यू सेंटर के बाघ-गुलदार

    Updated: Fri, 07 Aug 2026 12:02 PM (IST)

    कार्बेट टाइगर रिजर्व (CTR) अपने ढेला रेस्क्यू सेंटर में बढ़ती बाघों और गुलदारों की संख्या को देखते हुए उन्हें अन्य राज्यों को भेजने पर विचार कर रहा है ...और पढ़ें

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    जागरण संवाददाता, रामनगर। ढेला स्थित रेस्क्यू सेंटर में बढ़ते बाघ व गुलदारों की संख्या को देखते हुए अब कार्बेट टाइगर रिजर्व बाहरी राज्यों को देने के लिए सैद्धांतिक रूप से संभावनाओं को तलाश रहा है। यदि कोई राज्य बाघों को लेना चाहेगा, तो कार्बेट की ओर से उन्हें बाघ दिए जाएंगे।

    कार्बेट ने पहली बार अपने स्तर से बाघों को बाहर भेजने का रास्ता खोल दिया है। कार्बेट टाइगर रिजर्व के ढेला स्थित रेस्क्यू सेंटर में बाघों व गुलदारों को रखने के लिए 20-20 बाड़े बनाए हैं। इन बाड़ों में आबादी से पकड़े गए उम्रदराज, शिकार करने में अक्षम व हिंसक बाघ गुलदारों को रखा गया है।

    लाखों रुपये सालाना खर्च

    अधिकांश बाघ व गुलदारों की पूरी जिंदगी अब यहीं रेस्क्यू सेंटर में कटेगी। इसके अलावा अभी और बाघ व गुलदार रेस्क्यू कर सेंटर में लाए जाने की संभावना है।

    वर्तमान में रेस्क्यू सेंटर में 17 बाघ व 20 गुलदार रखे गए हैं। बाघ गुलदारों के भोजन, रखरखाव पर विभाग का लाखों रुपये सालाना खर्च होता है।

    अब सीटीआर ने रेस्क्यू सेंटर में रह रहे बाघ व गुलदारों को बाहरी राज्यों को देने का मन बनाया है। इसके लिए विधिवत अनुमति के बाद बाघ या गुलदारों को इच्छुक दूसरे राज्यों को देने की कार्रवाई की जाएगी।

    कार्बेट के छह बाघ उत्तराखंड में ही भेजे

    पहले भी कार्बेट के बाघ दूसरे जगह में अपनी मौजूदगी दर्ज करा चुके हैं। कार्बेट के जंगल से पांच बाघ पूर्व में राजाजी टाइगर रिजर्व के जंगल में भेजे गए हैं। अब पांच और बाघ-बाघिन को यहां से राजाजी टाइगर रिजर्व के जंगल भेजे जाना प्रस्तावित है, जबकि एक एक बाघ को भी पूर्व में रेस्क्यू सेंटर से देहरादून के चिड़ियाघर भेजा गया था।

    रेस्क्यू सेंटर में बाघ व गुलदारों की अच्छी संख्या है। अन्य राज्यों को बाघ व गुलदार देने के लिए सैद्धांतिक रूप से विभाग तैयार है। संभावनाओं को तलाशा जा रहा है कि यदि किसी राज्य को आवश्यकता है, तो उस राज्य को नियमानुसार बाघ-गुलदार दिए जा सकते हैं। - साकेत बडोला, निदेशक कार्बेट टाइगर रिजर्व

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