लालकुआं के स्टोन क्रशर में दर्दनाक हादसा: रेत में जिंदा दबा हेल्पर, घंटों बाद मिली लाश
लालकुआं के एक स्टोन क्रशर में जेसीबी से रेत भरते समय हेल्पर पवन सिंह रेत में जिंदा दब गया। उसका शव घंटों बाद हल्द्वानी में रेत खाली करते समय मिला। ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
लालकुआं स्टोन क्रशर में हेल्पर रेत में दबा
घंटों बाद हल्द्वानी में रेत खाली करते मिला शव
पुलिस कर रही मामले की गहन जांच, कार्रवाई होगी
जागरण संवाददाता, हल्द्वानी। लालकुआं के एक स्टोन क्रशर में जेसीबी से रेत भरते समय हेल्पर पवन सिंह रेत में जिंदा दब गया। किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी।
रेत से भरा डंपर कई किलोमीटर दूर हल्द्वानी पहुंचा तो घंटों बाद रेत खाली करते समय उसका शव मिला। घटना से हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
जानकारी के अनुसार, मुख्य चालक के घर में आवश्यक कार्य होने के कारण वह गेट पर ही रुक गया था। इस दौरान हेल्पर पवन डंपर लेकर क्रशर के अंदर पहुंचा।
बताया जा रहा है कि वह डंपर के पीछे खड़े होकर लीकेज वाली जगह पर कट्टा बांध रहा था। इसी बीच जेसीबी चालक ने बिना यह सुनिश्चित किए कि पीछे कोई कर्मचारी मौजूद है, डंपर में रेत भरनी शुरू कर दी।
कुछ ही देर में पवन पूरी तरह रेत में दब गया। किसी कर्मचारी को इसकी भनक तक नहीं लगी और डंपर भरकर क्रशर से बाहर निकल गया। काफी देर तक चालक के नहीं मिलने पर क्रशर प्रबंधन ने डंपर मालिक को सूचना दी।
इसके बाद दूसरा चालक मौके पर पहुंचा और डंपर को चौफुला-कटघरिया मार्ग स्थित नाली निर्माण स्थल तक ले गया। वहां शाम करीब चार बजे रेत खाली की गई। रेत के ढेर में काम कर रहे मजदूरों की नजर बाहर निकले एक हाथ पर पड़ी।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। रेत हटाने पर पवन का शव बरामद किया गया। मृतक की पहचान जयपुर बीसा लालकुआं निवासी पवन सिंह पुत्र मदन सिंह के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार, तलाशी के दौरान पवन की जेब से 50 रुपये भी बरामद हुए।
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मां का दस साल पहले हो चुका है निधन
पवन अविवाहित था। करीब दस वर्ष पहले उसकी मां का निधन हो चुका था। इसके बाद से वह अपनी ताई हेमा देवी के परिवार के साथ रहकर मजदूरी करता था और परिवार का सहारा बना हुआ था।
उसके पिता भी गौला में मजदूरी करते हैं। वह दो भाइयों और दो बहनों में सबसे बड़ा था। एक बहन की शादी हो चुकी है।
मूल रूप से गंगोलीहाट का रहने वाला था पवन
पवन का परिवार मूल रूप से पिथौरागढ़ जिले के गंगोलीहाट क्षेत्र के बयालकटिया गांव का रहने वाला है। हादसे की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
लोगों का कहना है कि यदि रेत भरने से पहले यह सुनिश्चित किया जाता कि डंपर के पीछे कोई कर्मचारी मौजूद नहीं है, तो यह दर्दनाक हादसा टल सकता था।
लापता होने की सूचना तहेरे भाई को मिल गई थी
पवन के ताऊ के लड़के विक्रम सिंह ने बताया कि जब रेता भराते समय पवन लापता हो गया था। इसके बाद डंपर स्वामी ने उन्हें भी इसकी जानकारी दी थी।
उन्होंने इसका पता करने के लिए पवन के मोबाइल नंबर पर काल किया तो फोन डंपर चला रहे चालक ने उठाया। बताया कि पवन गाड़ी में मोबाइल छोड़कर चला गया है।
मामले में क्रशर प्रबंधन, ठेकेदार और जेसीबी चालक से पूछताछ की जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- मनोज कत्याल, एसपी सिटी, हल्द्वानी
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