उत्तराखंड के जंगल से चुराकर यूपी में ठिकाने लगाई लकड़ियां, बड़ा जखीरा बरामद; वन विभाग ने की कार्रवाई
तराई पूर्वी वन प्रभाग ने बहेड़ी, यूपी के एक गोदाम पर छापा मारकर लगभग 25 घनमीटर खैर की लकड़ी बरामद की, जिसकी कीमत 20 लाख रुपये है। ...और पढ़ें


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जागरण संवाददाता, हल्द्वानी। तराई के जंगल से चोरी कर उत्तर प्रदेश में खैर की लकड़ियां ठिकाने लगाए जाने के विरुद्ध वन विभाग ने कार्रवाई की है।
सूचना पर तराई पूर्वी वन प्रभाग टीम ने शनिवार सुबह बहेड़ी स्थित गोदाम में छापेमारी कर लगभग 25 घनमीटर खैर प्रकाष्ठ और लट्ठे बरामद किए गए।
उत्तराखंड के जंगल में पाए जाने वाले बहुमूल्य खैर के पेड़ की लकड़ी की काफी मांग है। ऐसे में इसकी लकड़ी चुराने के लिए तस्कर सक्रिय रहते हैं और कई बार वन विभाग को चकमा देकर लकड़ी चोरी कर ले जाते हैं।
पिछले कई दिनों से मिल रही थी सूचना
प्रभागीय वनाधिकारी हिमांशु बागरी ने बताया कि पिछले कई दिनों से लगातार सूचना मिल रही थी कि उत्तराखंड के विभिन्न वन क्षेत्रों से अवैध रूप से बहुमूल्य खैर के वृक्षों का कटान कर उनकी लकड़ियां उत्तर प्रदेश के बहेड़ी स्थित एक गोदाम में एकत्रित की जा रही है।
यहां लकड़ी की सफाई कर उसके गिल्टे अवैध रूप से बेचे जा रहे हैं। ऐसे में कार्रवाई के लिए शनिवार सुबह छह बजे तराई पूर्वी वन प्रभाग की टीम ने उस गोदाम में छापेमारी कर लकड़ी बरामद की, जिसका मूल्य लगभग 20 लाख रुपये है।
उन्होंने बताया कि कार्रवाई के दौरान गोदाम परिसर में कोई भी व्यक्ति नहीं मिला, जबकि गोदाम संचालक फरार है। उसकी तलाश की जा रही है। साथ ही पूरे नेटवर्क का भी पता लगाया जा रहा है। मामले में भारतीय वन अधिनियम, 1927 के अंतर्गत केस दर्ज कर लिया गया है।
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बरामद लकड़ी को तीन पिकअप और एक ट्रक से गौला रेंज परिसर में सुरक्षित रखवा दिया गया है। विशेष टीम में एसडीओ गौला अनिल जोशी, एसडीओ सितारगंज सावित्री गिरी, रेंजर महेंद्र रैकुनी, चंदन अधिकारी, कैलाश गुणवंत, नवीन पवार, नवीन रैक्वाल समेत विभाग के लगभग 50 अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।