पौड़ी के बमठी गांव में दिन-दहाड़े महिला पर गुलदार झपटा, ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय में किया प्रदर्शन
पौड़ी के बमठी गांव में गुलदार ने एक महिला पर हमला किया, जिसे ग्रामीणों ने बचा लिया। इसके विरोध में ग्रामीणों ने पौड़ी मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। ...और पढ़ें

पौड़ी में बमठी गांव में गुलदार के महिला पर झपटने की घटना के बाद प्रदर्शन करते ग्रामीण। जागरण

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, पौड़ी। विकासखंड पौड़ी के बमठी गांव में दिन-दहाड़े गुलदार ने एक महिला पर झपटा मारा। गनीमत रही कि आसपास के ग्रामीणों के शोर मचाने के बाद गुलदार भाग गया।
जिससे महिला की जान बच गई। घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है। जिला मुख्यालय पौड़ी पहुंच ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। ग्रामीणों से वन संरक्षक गढ़वाल व प्रशासन ने वार्ता की, लेकिन वह बेनतीजा रही।
शनिवार को विकास खंड पौड़ी के बमठी गांव में ग्रामीण रेखा देवी सुबह करीब 10 बजे घर के पीछे के हिस्से में जा रही थी। तभी गुलदार ने उन पर झपटा मार दिया।
आसपास के ग्रामीणों ने शोर मचाया तो गुलदार भाग गया। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीण जिला मुख्यालय पौड़ी पहुंचे।
यहां ग्रामीणों ने डीएम कार्यालय परिसर के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों से वन संरक्षक आकाश वर्मा, डीएफओ गढ़वाल महातिम यादव, संयुक्त मजिस्ट्रेट पौड़ी दीक्षिता जोशी ने डीएम कार्यालय सभागार में वार्ता की।
ग्राम पंचायत चवथ के ग्राम प्रधान शंकर प्रसाद नौटियाल, जिला पंचायत सदस्य डोभ श्रीकोट अनुज कुमार, केसुंदर की ग्राम प्रधान कुसुमलता आदि ने डीएफओ को ज्ञापन देकर इडवालस्यूं व नादलस्यूं में लगातार हो रही गुलदार की घटनाओं को देखते हुए इसे आपदाग्रस्त क्षेत्र घोषित किए जाने की मांग की।
वहीं वन संरक्षक गढ़वाल आकाश वर्मा ने बताया कि क्षेत्र में दो शूटर के साथ ही तीन टीम तैनात की जा रही है।
गौरतलब है कि बमठी गांव में बीते 23 अप्रैल को गुलदार ने घर के पास खेत में घास काट रही बुजुर्ग सीता देवी को सुबह 8 बजे मार दिया था।
घटना के बाद वन विभाग ने एक गुलदार को पिंजरे में कैद किए जाने और एक गुलदार को मारने क्षेत्र को गुलदार के आतंक से मुक्त किए जाने का दावा किया था।
सासौं में दिनदहाड़े गुलदार का हमला, एक बछिया को बनाया निवाला
विकासखंड एकेश्वर की मवालस्यूं पट्टी स्थित सासौं गांव में गुलदार का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। शनिवार सुबह दिनदहाड़े गुलदार ने एक बछिया को निवाला बना दिया, जबकि एक अन्य को घायल कर दिया। घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत और वन विभाग के प्रति नाराजगी है।
ग्राम प्रधान सीमा देवी ने बताया कि शनिवार सुबह करीब 11 बजे दरबान सिंह की बछियां गांव से सटे खेतों में चारा चुग रही थीं।
इसी दौरान घात लगाए गुलदार ने हमला कर एक बछिया को घायल कर दिया। ग्रामीणों के शोर मचाने पर गुलदार वहां से भाग गया, लेकिन कुछ दूर जाकर उसने भागेश्वरी देवी की बछिया को मार डाला।
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में वनकर्मी मौजूद होने के बावजूद अब तक पिंजरा नहीं लगाया गया है। सामाजिक कार्यकर्ता सुरेंद्र सिंह रावत ने कहा कि वन विभाग के अधिकारी ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं हैं।
गौरतलब है कि 9 मई को भी राजकीय प्राथमिक विद्यालय सासौं के पास दो गुलदार दिखाई दिए थे, जिसके चलते विद्यालय में दो दिन का अवकाश घोषित करना पड़ा था। फिलहाल स्कूल का संचालन पंचायत भवन में किया जा रहा है।
खेतों में जाने से डर रहीं महिलाएं
गुलदार की लगातार गतिविधियों से सासौं समेत आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। महिलाएं खेतों में काम करने और मवेशियों के लिए चारा-पत्ती लेने जाने से डर रही हैं।
ग्रामीण संतोषी देवी और कमला देवी ने बताया कि गुलदार गांव के आसपास लगातार घूम रहा है, जिससे बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।
यह भी पढ़ें- उत्तराखंड के पौड़ी में गुलदार का हमला, बुजुर्ग की मौत पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
यह भी पढ़ें- उत्तराखंड के पौड़ी में गुलदार का आतंक: बुजुर्ग को बनाया शिकार, ग्रामीणों में भारी आक्रोश