कैलास मानसरोवर यात्रा सुचारू, नौवां दल गुंजी रवाना; पिथौरागढ़ में भूस्खलन से जनजीवन प्रभावित
पिथौरागढ़ में यात्रा मार्ग एलागाड़ के पास खुल गया है, जिससे नौवां दल गुंजी के लिए रवाना हो चुका है। वहीं, भारी बारिश के कारण दारमा घाटी में भूस्खलन और ...और पढ़ें


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जागरण संवाददाता, पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ टनकपुर तवाघाट हाईवे एलागाड़ के पास खुल चुका है। यात्रा में जा रहा नौंवा कैलास मानसरोवर यात्रा दल गुजी को रवाना हो चुका है। तिब्बत में कैलास मानसरोवर की परिक्रमा पूरी यात्रा का छठवां दल शुक्रवार सुबह 8:50 में भारत में प्रवेश कर चुका है।
यात्रा में जा रहे आठवां दल ने शुक्रवार सुबह 9:20 पर लिपू दर्रा पार कर तिब्बत में प्रवेश किया। भारत लौटा छठवां दल गुंजी को आ रहा है और दल शाम को आधार शिविर धारचूला पहुंचेगा। तिब्बत में प्रवेश किया आठवां दल आज तकलाकोट में प्रवास करेगा।
बारह घंटे बाद खुला कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग
दो स्थानों पर भारी मलबा आने और मलघाट में लगातार पत्थर गिरने से कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग 12 घंटे बाद यातायात के लिए खुला।
सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में लगातार हो रही बारिश ने ग्रामीणो की परेशानी बढ़ा दी है। सबसे अधिक खराब स्थिति धारचूला तहसील के अंतर्गत उच्च हिमालयी दारमा घाटी के प्रवेश द्वार दर गांव में बनी हुई है। बारिश के चलते यहां भारी भूधंसाव और भूकटाव हो रहा है।
गांव के आंतरिक मार्ग बुरी तरह धंस चुके हैं और गांव को मुख्य धारा से जोड़ने वाले रास्ते बह गए हैं, जिससे ग्रामीणों को आवाजाही में परेशानी हो रही है। कई मकानों के दोनों तरफ जमीन दरक रही है, जिससे लोग भारी दहशत में हैं। गौरतलब है कि यह गांव वर्ष 1971 से ही आपदा का दंश झेल रहा है, जिससे ग्रामीणों में खौफ है।
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वहीं कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग पर मलघाट के पास चंद मिनटों के भीतर भयानक भूस्खलन हुआ, जिसका खौफनाक मंजर राहगीरों ने देखा।
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