जंतर मंतर प्रदर्शन में शामिल कांस्टेबल शेर सिंह पर गिरी गाज, पुलिस सेवा से बर्खास्त
पिथौरागढ़ पुलिस ने अनुशासनहीनता और गंभीर दुराचार के आरोप में आरक्षी शेर सिंह को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। ...और पढ़ें


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जागरण संवाददाता, पिथौरागढ़। उत्तराखंड पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अनुशासनहीनता और गंभीर दुराचार के मामले में पिथौरागढ़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। जनपद में तैनात आरक्षी शेर सिंह को कठोर विभागीय कार्रवाई करते हुए तत्काल प्रभाव से पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। शेर सिंह ने बीते दिनों जंतर मंतर प्रतिभाग कर बयान दिए थे।
पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रहलाद कोंडे द्वारा विभागीय जांच, उपलब्ध अभिलेखों एवं प्रासंगिक तथ्यों के परीक्षण के उपरांत पाया गया कि संबंधित आरक्षी का आचरण उत्तराखंड पुलिस अधिनियम 2007 के अंतर्गत गंभीर अवचार की श्रेणी में आता है। साथ ही यह उत्तराखंड राज्य कर्मचारी आचरण नियमावली 2002 के प्रावधानों का भी उल्लंघन है। पुलिस संगठन की अनुशासनात्मक गरिमा और जनविश्वास को अक्षुण्ण बनाए रखने के उद्देश्य से एसपी ने यह कठोर निर्णय लिया।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अनुशासन, सत्यनिष्ठा और सेवा आचरण से किसी भी प्रकार का विचलन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग ने यह भी साफ किया है कि शेर सिंह अब उत्तराखंड पुलिस के कर्मचारी नहीं हैं। भविष्य में यदि उनके द्वारा किसी भी प्रकार का धरना-प्रदर्शन, अवैध गतिविधि अथवा राजनीतिक कार्यक्रमों में सहभागिता पाई जाती है, तो उसके लिए पुलिस विभाग उत्तरदायी नहीं होगा।