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    केदारनाथ यात्रा के लिए घोड़े-खच्चरों का पंजीकरण जारी, दूसरे दिन 326 लाइसेंस बने

    Updated: Sat, 28 Feb 2026 10:24 AM (IST)

    पशुपालन विभाग और जिला पंचायत ने केदारनाथ यात्रा के लिए घोड़े-खच्चरों के पंजीकरण और लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया जारी रखी। दूसरे दिन चंद्रापुरी और सि ...और पढ़ें

    केदारनाथ धाम की फाइल फोटो।

    केदारनाथ धाम की फाइल फोटो।

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    संवाद सहयोगी, रुद्रप्रयाग। पशुपालन विभाग एवं जिला पंचायत के संयुक्त तत्वाधान में केदारनाथ यात्रा में संचालन के लिए घोड़े खच्चरों के पंजीकरण व लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया दूसरे दिन भी जारी रही। रोस्टर के अनुसार चन्द्रापुरी एवं सिद्धसौड में लगाए गए शिविर में करीब 326 घोड़े -खच्चरों का मेडिकल प्रमाण पत्र एवं बीमा के बाद लाइसेंस जारी किए गए। अब तक दो दिन में 484 घोड़े खच्चरों के लाइसेंस जारी हो चुके है।

    विश्व प्रसिद्ध धाम केदारनाथ के कपाट आगामी 22 अप्रैल को आम श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले जाएंगे। पशुपालन विभाग के रोस्टर के अनुसार चन्द्रापुरी एवं सिद्धसौड में घोडे़ खच्चरों के लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया दूसरे दिन भी जारी रहा है। शिविर में घोेडा-खच्चरों के स्वास्थ्य परीक्षण, बीमा, ग्लैण्डर्स रोग की सेंपलिंग के बाद लाइसेंस जारी किए।

    दूसरा दिन करीब 326 घोड़े खच्चरों का पंजीकरण का लाइसेंस बनाए गए। जिसमें जिला पंचायत ने प्रति घोड़ा खच्चर की 400 रूपए लाइसेंस फीस, 30 रूपए टोकन फीस, 40 रूपए घोड़ा-खच्चर स्वामी बीमा एवं 184 रूपए जीमैक्स टाेकन फीस कुल मिलाकर 654 रूपए प्रति घोड़ा-खच्चर फीस ली गई। जबकि घोड़ा-खच्चर संचालकों ने लगभग 3500 रूपए प्रति घोड़े के हिसब से संबंधित बीमा कंपनी बीमा की राशि दी।

    जिला पंचयात के कर निरीक्षक दिनेश नौटियाल ने बताया कि दूसरे दिन चन्द्रापुरी में घोड़े -खच्चरों के पंजीकीण के लिए शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें कुल 126 घोड़े खच्चरों के लाइसेंस जारी किए गए।

    कर निरीक्षक बलवीर सिंह नेगी ने बताया कि सिद्धसौड में घोड़े -खच्चरों के पंजीकरण शिविर में मेडिकल फिटनेस एवं बीमा के बाद करीब 200 घोड़े खच्चरों के लाइसेंस जारी किए गए। वहीं अब तक कुल 484 घोड़े खच्चरों के लाइसेंस जारी हो चुके है। 28 फरवरी को घंघासू बांगर एवं बक्सीर में घोड़ा खच्चरों के लिए पंजीकरण शिविरों का आयोजन किया जाएगा। जबकि होली के बाद दूसरा रोस्टर जारी किया जाएगा।

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