केदारनाथ यात्रा की तैयारी तेज: डीएम ने दिए सख्त निर्देश, 15 मार्च तक काम पूरा न करने पर दर्ज होगी FIR
जिला प्रशासन केदारनाथ यात्रा को सुरक्षित, स्वच्छ और सुगम बनाने के लिए एक्शन मोड में है। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने रुद्रप्रयाग से गौरीकुंड तक यात्रा म ...और पढ़ें

केदारनाथ धाम की फाइल फोटो।

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संवाद सहयोगी, रुद्रप्रयाग। आगामी श्री केदारनाथ धाम यात्रा को सुरक्षित, स्वच्छ, पर्यावरण अनुकूल एवं सुगम बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है।
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने अधिकारियों की टीम के साथ रुद्रप्रयाग से गौरीकुंड होते हुए घोड़ा पड़ाव तक यात्रा मार्ग का स्थलीय निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि यात्रा प्रारंभ होने से पूर्व मार्ग पर किसी भी प्रकार का अवरोध नहीं रहना चाहिए।
राष्ट्रीय राजमार्ग-107 पर भूस्खलन एवं भूधंसाव संभावित स्थलों बांसवाड़ा, काकड़ागाड़, गुप्तकाशी तिराहा, बड़ासू, खुमेरा, मैखंडा, रामपुर और मुनकटिया का निरीक्षण किया।

जिलाधिकारी ने सड़क पर पड़े मलबे को तत्काल हटाने, सिंकिंग जोन का ट्रीटमेंट, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में सुरक्षा कार्य, पैचवर्क, झाड़ी कटान, साइनेज व क्रैश बैरियर लगाने के निर्देश दिए। बाजार क्षेत्रों में अतिक्रमण हटाने और अवैध कब्जों पर चालानी कार्रवाई के आदेश भी दिए।
स्वच्छता व सुविधाओं को लेकर भी प्रशासन गंभीर दिखा। यात्रा मार्ग पर पर्याप्त शौचालय, मोबाइल टायलेट, पेयजल आपूर्ति और नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
महत्वपूर्ण स्थलों पर सोलर लाइट लगाने, सीतापुर पार्किंग में शटल सेवा, मैकेनिक, कैंटीन, पुलिस चेकपोस्ट की व्यवस्था तथा पैदल यात्रियों के लिए बैरिकेडिंग और विश्राम हेतु बेंच लगाने पर जोर दिया गया। गौरीकुंड स्थित तप्तकुंड में चेजिंग रूम और स्वच्छता व्यवस्था को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार केदारनाथ यात्रा को ग्रीन और स्वच्छ यात्रा के रूप में संचालित किया जाएगा।
उन्होंने सभी विभागों को यात्रा से जुड़े कार्य 15 मार्च तक तथा बड़े कार्य 30 मार्च तक हर हाल में पूर्ण करने के निर्देश दिए। लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों को चेतावनी देते हुए समयसीमा का पालन न करने पर प्राथमिकी दर्ज करने की बात भी कही।