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    उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर में साइबर ठगों के 850 म्यूल खाते सक्रिय, 60 करोड़ रुपये जब्त

    Updated: Wed, 10 Jun 2026 10:35 AM (GMT+05:30)

    ऊधम सिंह नगर के बैंकों में 850 से अधिक म्यूल खाते सक्रिय पाए गए हैं, जिनमें साइबर अपराध की 60 करोड़ से अधिक की धनराशि जमा है। ...और पढ़ें

    इस तस्वीर का उपयोग सांकेतिक रूप में किया गया है।

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    HighLights

    1. ऊधम सिंह नगर में 850 से अधिक म्यूल खाते सक्रिय मिले

    2. इन खातों में 60 करोड़ से अधिक की धनराशि डंप

    3. पुलिस ने बैंकों से निकासी पर तत्काल रोक लगवाई

    वीरेंद्र भंडारी, रुद्रपुर । साइबर अपराध का रुपया ठिकाने लगाने के लिए इस्तेमाल होने वाले म्यूल खाते ऊधम सिंह नगर के अलग -अलग बैंकों में खुले हैं।

    अब तक हुई पुलिस जांच में पुष्टि हुई है कि जिले के अलग अलग बैंक खातों में 850 से अधिक म्यूल खाते सक्रिय हैं। जिसमें 60 करोड़ से अधिक की धनराशि डंप है, इस धनराशि की निकासी पर पुलिस के निर्देश पर बैंकों ने रोक लगा दी है।

    यह धनराशि कहां से आई और इसे निकालने का काम कौन कर रहा था कि पुलिस इसकी जांच में जुट गई है।

    रकम को इधर-से-उधर घुमाने के लिए किया जाता है उपयोग

    वर्तमान में साइबर अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। साइबर ठग अलग -अलग तरीके से लोगों को झांसे में लेकर उनकी जमा पूंजी साफ कर रहे हैं। साइबर ठग लोगों की जमा पूंजी को म्यूल खातों के जरिए ठिकाने लगा रहे हैं। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्र के भोले भाले लोगों को झांसे में लिया जा रहा है।

    उन लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने, रुपये आने के बाद उनकी कमीशन मिलने का लालच दिया जाता है, खाताधारक के राजी होने पर उनका खाता साइबर अपराध से जुड़े लोग किराये पर ले रहे हैं। उसके बाद इन खातों का प्रयोग साइबर ठगी की रकम को इधर-से-उधर घुमाने के लिए किया जा रहा है। शिकायत पर जब पुलिस जांच करती हैं तब यह म्यूल खाते ट्रेस होते हैं।

    850 से अधिक म्यूल खाते जिलेभर में सक्रिय

    बीते कुछ समय से ऊधम सिंह नगर के जसपुर, काशीपुर, बाजपुर, गदरपुर, रुद्रपुर, किच्छा, सितारगंज, नानकमत्ता और खटीमा के अलग -अलग बैंकों में हजारों म्यूल खाते खोले जाने के इनपुट पुलिस को मिले थे। जिसके बाद पुलिस और साइबर सेल ने जांच की तो 850 से अधिक म्यूल खाते जिलेभर में सक्रिय होने की जानकारी प्राप्त हुई है।

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    पुलिस और एसटीएफ ने अब तक 26 से अधिक म्यूल खातों पर प्राथमिकी पंजीकृत कर ली है। लेकिन 750 ऐसे खाते मिले हैं, जिन पर एक-एक शिकायत और 100 पर 10 से अधिक शिकायत देश के अलग अलग राज्यों में पंजीकृत हैं।

    जब इन म्यूल खातों की जानकारी जुटाई गई तो पता चला कि इनमें साइबर ठगी से प्राप्त 60 करोड़ से अधिक की धनराशि पड़ी है, पुलिस ने तत्काल बैंकों को पत्र लिखकर इस धनराशि की निकासी पर रोक लगवा दी है। साथ ही बैंकों से यह डिटेल मांगी गई है कि यह रकम आई कहां -कहां से है और अभी तक इस धनराशि की निकासी कर कौन-कौन रहे थे।

    इतने प्रकार के होते हैं म्यूल खाते

    • जानबूझकर इस्तेमाल किए गए खाते : खाता धारक कमीशन लेकर अपना खाता उपलब्ध कराता है।
    • अनजाने में इस्तेमाल हुए खाते : नौकरी, लोन, इनाम या निवेश के झांसे में आकर लोग अपने बैंक विवरण साझा कर देते हैं।
    • किराए पर लिए गए खाते : अपराधी गरीब या जरूरतमंद लोगों से उनके खाते का उपयोग करने के लिए पैसे देते हैं।

    ऊधम सिंह नगर के अलग -अलग बैंकों में 850 म्यूल खाते पुलिस और साइबर थाना पुलिस ने ट्रेस किए हैं, जो सक्रिय हैं। अभी कई और म्यूल खाते मिलने की संभावना है, इसके लिए जांच चल रही है। इन म्यूल खातों में करोड़ों रुपये डंप हैं, इनकी निकासी रुकवा दी गई है। जिसकी रिपोर्ट तैयार कर संबंधित राज्यों की पुलिस को सौंपा जाएगा। जिसके बाद साइबर ठगी के शिकार लोग न्यायालय या फिर साइबर थाना पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर अपनी धनराशि रिलीज करा पाएंगे। - अजय गणपति, एसएसपी, ऊधम सिंह नगर

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