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    उत्तराखंड: तहसीलदार के दरबार से खाली हाथ लौटी विजिलेंस, 20 घंटे बाद वरिष्ठ सहायक और संग्रह अमीन को छोड़ा

    By Avinash ShrivastavaEdited By: Nirmala Bohra
    Updated: Thu, 30 Jul 2026 12:59 PM (IST)

    सितारगंज तहसील में कथित रिश्वतखोरी के मामले में 20 घंटे के गतिरोध के बाद विजिलेंस टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा। ...और पढ़ें

    एसडीएम के हस्तक्षेप के बाद खत्म हुआ गतिरोध. Jagran

    एसडीएम के हस्तक्षेप के बाद खत्म हुआ गतिरोध. Jagran

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    जागरण संवाददाता, सितारगंज । तहसील परिसर में कथित रिश्वतखोरी के मामले में बुधवार को शुरू हुआ हाई प्रोफाइल घटनाक्रम गुरुवार सुबह समाप्त हो गया।

    करीब 20 घंटे तक चले गतिरोध के बाद विजिलेंस टीम ने हिरासत में लिए गए वरिष्ठ सहायक भूपेंद्र सिंह राणा और संग्रह अमीन को मुक्त कर दिया। इसके बाद भारी पुलिस सुरक्षा के बीच विजिलेंस टीम तहसील परिसर से बिना दोनों कर्मचारियों को साथ लिए लौट गई।

    बुधवार दोपहर विजिलेंस टीम ने एक किसान की शिकायत पर तहसील परिसर में कार्रवाई करते हुए वरिष्ठ सहायक भूपेंद्र सिंह राणा और संग्रह अमीन को कथित रिश्वत लेने के आरोप में हिरासत में लिया था। कार्रवाई की सूचना मिलते ही तहसील कर्मचारी आक्रोशित हो गए और उन्होंने तहसील परिसर में धरना शुरू कर दिया।

    एसडीएम के हस्तक्षेप के बाद खत्म हुआ गतिरोध

    कर्मचारियों के विरोध के चलते विजिलेंस टीम करीब 20 घंटे तक तहसील परिसर में ही फंसी रही। इस दौरान पूरे परिसर में तनावपूर्ण माहौल बना रहा। जिलेभर से राजस्व कर्मचारी भी सितारगंज पहुंच गए, जबकि वरिष्ठ सहायक भूपेंद्र सिंह राणा के गांव से बड़ी संख्या में ग्रामीण भी आंदोलन में शामिल हो गए।

    स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने भारी पुलिस बल तैनात कर दिया। गुरुवार सुबह उपजिलाधिकारी तुषार सैनी तहसील पहुंचे और राजस्व विभाग के अधिकारियों, कर्मचारी नेताओं तथा विजिलेंस टीम के अधिकारियों के साथ वार्ता की। लंबे मंथन और उच्चाधिकारियों से हुई बातचीत के बाद गतिरोध समाप्त हुआ। इसके बाद विजिलेंस टीम ने दोनों कर्मचारियों को मुक्त कर दिया और पुलिस सुरक्षा के बीच तहसील परिसर से रवाना हो गई।

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    एसडीएम तुषार सैनी ने बताया कि विभागीय अधिकारियों ने विजिलेंस टीम को स्पष्ट किया कि जिस धनराशि को रिश्वत बताया जा रहा था, वह राजस्व विभाग की वैधानिक ऋण वसूली प्रक्रिया के तहत प्राप्त की गई राशि थी। उन्होंने कहा कि विभागीय कार्यप्रणाली की पूरी जानकारी नहीं होने के कारण कार्रवाई को अलग दृष्टिकोण से देखा गया।

    पूरे प्रकरण की जानकारी उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है और आगे की कार्रवाई सक्षम स्तर के निर्देशों के अनुसार की जाएगी। वहीं, विजिलेंस टीम के प्रभारी प्रभात कुमार ने कहा कि प्रकरण की विवेचना अभी जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले में अंतिम रूप से कुछ कहा जा सकेगा।

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