Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    उत्तरकाशी: भराड़सर ताल में शाही स्नान के बाद मूल धाम लौटे बैरीग नाग महाराज, ग्रामीणों ने किया भव्य स्वागत

    Updated: Mon, 27 Jul 2026 07:09 PM (IST)

    बैरीग नाग महाराज छह दिवसीय धार्मिक यात्रा और भराड़सर ताल में शाही स्नान के बाद अपने मूल धाम भीतरी गांव लौट आए हैं। ...और पढ़ें

    मोरी के भीतरी गांव में बैरीगनाग महाराज का स्वागत करते ग्रामीण। स्रोत सुधि पाठक

    मोरी के भीतरी गांव में बैरीगनाग महाराज का स्वागत करते ग्रामीण। स्रोत सुधि पाठक

    HighLights

    1. बैरीग नाग महाराज भराड़सर ताल से शाही स्नान कर लौटे

    2. छह दिवसीय धार्मिक यात्रा के बाद भीतरी गांव में स्वागत

    3. ग्रामीणों ने पारंपरिक वाद्ययंत्रों से किया भव्य अभिनंदन

    संवाद सूत्र, पुरोला (उत्तरकाशी)। मोरी फतेपर्वत पट्टी भीतरी गांव के आराध्य ईष्टदेव बैरीग नाग महाराज रविवार को भराड़सर ताल की छह दिवसीय धार्मिक यात्रा व पारंपरिक शाही स्नान से लौट आए हैं।

    इस दौरान अपने मूल धाम भीतरी लौटने पर ग्रामीणों ने उनका स्वागत किया।

    रविवार दोपहर गांव में ग्रामीणों ने पारंपरिक वाद्ययंत्रों, फूल-मालाओं के साथ ईष्टदेव का स्वागत कर गांव की सुख-समृद्धि व जनकल्याण की मन्नत मांगी।

    गांव के जगदीश कुंवर ने बताया कि बैरीग नाग देवता पांचवें वर्ष प्राचीन परंपरा के अनुसार यात्रा के दौरान भराड़सर ताल के पवित्र जल से शाही स्नान करते हैं।

    यह यात्रा स्थानीय लोगों की आस्था एवं संस्कृति व लोक परंपराओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल होते हैं।

    उन्होंने बताया कि लोक मान्यता के अनुसार बैरिग नाग देवता की उत्पत्ति भी प्राकृतिक रूप से भराड़सर में ही हुई थी।

    मान्यता है कि प्राचीन समय में महाराज सबसे पहले खन्यासणी गांव के बकरी पालकों को भराड़ सर ताल में मिले।

    बताया कि हर पांचवें वर्ष छह दिवसीय यात्रा पर बैरीग नाग महाराज 12 किमी पैदल भराड़सर में ताल के पवित्र जल से शाही स्नान को जाते हैं जो क्षेत्र की समृद्ध लोक संस्कृति एवं सदियों पुरानी परंपराओं को आज भी जीवंत बनाए हुए है।

    यह भी पढ़ें- सावन के दूसरे सोमवार पर टिहरी के शिवालयों में आस्था की भीड़, भक्तों ने किया जलाभिषेक

    यह भी पढ़ें- बागेश्वर: सावन के दूसरे सोमवार पर बागनाथ धाम में उमड़ी आस्था, भक्तों ने किया जलाभिषेक