उत्तरकाशी के दयारा बुग्याल ट्रेक पर बबीता पांडे को नहीं मिली थी अनुमति, ट्रेकिंग एजेंसी का फर्जीवाड़ा उजागर
दयारा बुग्याल ट्रेक पर लापता बबीता पांडे के मामले में एक ट्रेकिंग एजेंसी का बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। ...और पढ़ें

बबीता पांडे। स्रोत पुलिस विभाग

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जागरण संवाददाता, उत्तरकाशी। दयारा बुग्याल ट्रेक पर लापता हुई युवती बबीता पांडे मामले में स्थानीय ट्रेकिंग एजेंसी संचालक का बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है।
जिला पर्यटन विकास अधिकारी केके जोशी ने बताया कि पर्यटन विभाग द्वारा संचालित सिंगल विंडो सिस्टम के पोर्टल से बबीता पांडे नाम की किसी भी युवती को ट्रेकिंग का अनुमति पत्र जारी नहीं किया गया है।
उन्होंने संबंधित ट्रेकिंग एजेंसी पर फर्जीवाड़ा कर अनुमति पत्र तैयार करने की बात कही। बताया कि इस फर्जीवाड़े का पता चलते ही एजेंसी संचालन का पंजीकरण निलंबित कर दिया गया है। वहीं, उसके विरुद्ध रिपोर्ट तैयार कर पुलिस के माध्यम से मुकदमा भी दर्ज करवाया जाएगा।
जिला पर्यटन विकास अधिकारी केके जोशी ने बताया कि जिला प्रशासन के निर्देशानुसार सिंगल विंडो सिस्टम का एक्सप्लोर उत्तरकाशी नाम से नया पोर्टल तैयार किया गया है, जिसमें ट्रेकिंग के लिए आवेदन करना होता है।
आधार कार्ड, मेडिकल, इंश्योरेंस, आइडी प्रूफ आदि दस्तावेज अपलोड कर निर्धारित शुल्क चुकाते ही अनुमति पत्र स्वत: जारी हो जाता है। लेकिन जो पत्र संबंधित ट्रेकिंग एजेंसी द्वारा वन विभाग को दिया गया।
उसमें कुछ ट्रेकर्स के नाम कांट-छांट कर बदलने की बात सामने आई है। बताया कि पोर्टल के माध्यम से किसी बबीता पांडे नाम की युवती को अनुमति दी ही नहीं गई।
यदि उस पत्र के क्यूआर कोड को स्कैन किया जाएगा तो पुराने नाम सामने आ रहे हैं, जो कि कुलदीप सिंह, अनिकेत कुमार शाह, अनंत रंजंत, आराधना द्विवेदी व रवि हैं।
वहीं, कांट-छांट कर तैयार अनुमति पत्र में अनंत के स्थान पर हरमनप्रीत सिंह, आराधना के स्थान पर बबीता पांडे व रवि के स्थान पर हरमन पाल सिंह का नाम लिखा गया है।
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