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    गंगोत्री धाम में चढ़ावे की गिनती का अनोखा नियम, जब उमड़ती है भीड़ तो रोज गिने जाते हैं पैसे

    Updated: Fri, 24 Jul 2026 10:40 PM (GMT+05:30)

    गंगोत्री धाम में चढ़ावे की गणना श्रद्धालुओं की संख्या के आधार पर होती है, जिसमें पीक सीजन में प्रतिदिन ढाई लाख तक का दान आता है। ...और पढ़ें

    गंगोत्री धाम।

    गंगोत्री धाम।

    HighLights

    1. श्रद्धालुओं की संख्यानुसार होती है चढ़ावे की गणना

    2. पीक सीजन में प्रतिदिन ढाई लाख तक का दान

    3. दानराशि से अन्न क्षेत्र व सामाजिक कार्य संचालित

    जागरण संवाददाता, उत्तरकाशी। गंगोत्री धाम में चढ़ावा राशि की गणना श्रद्धालुओं की संख्या देखकर की जाती है। सीजन के शुरुआती दो महीने श्रद्धालुओं की भीड़ होने पर हर दिन चढ़ावे की गणना की जाती है। जबकि, श्रद्धालुओं की संख्या घटने पर इसे टाल दिया जाता है।

    बदरीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी प्रकरण सामने आने के बाद गंगोत्री मंदिर समिति ने चढ़ावा गणना प्रक्रिया में किसी तरह का बदलाव नहीं किया है, हालांकि अतिरिक्त सतर्कता जरूरी बरती जा रही है।

    गंगोत्री मंदिर समिति के सचिव सुरेश सेमवाल ने बताया कि गंगोत्री मंदिर के अंदर सिर्फ एक दानपात्र लगा है। अब एक नया दानपात्र मंदिर को जाने वाली सीढ़ियों के पास स्थापित किया गया है।

    बताया कि यात्रा सीजन के शुरुआती दो महीने मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। इसलिए हर दिन चढ़ावे की गणना होती है।

    इस दौरान प्रतिदिन ढाई लाख रुपये तक की दान राशि मंदिर समिति को प्राप्त होती है। वर्षाकाल में श्रद्धालुओं की संख्या घटने पर इतनी दानराशि नहीं प्राप्त होती कि प्रतिदिन उसकी गणना की जाए।

    बताया कि गंगोत्री धाम में श्रद्धालु सोने-चांदी के आभूषण भी दान करते हैं। इनसे मंदिर समिति को प्रत्येक सीजन में चार करोड़ तक की आय हो जाती है। सोने-चांदी के आभूषणों का वजन कर उन्हें खजांची के सुपुर्द कर दिया जाता है।

    मंदिर समिति के सचिव ने बताया कि गणना स्थल पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। गणना प्रक्रिया में अध्यक्ष व सचिव समेत मंदिर समिति के सभी 12 पदाधिकारी और चक्रवार 15 पुजारी शामिल होते हैं।

    दानराशि से संचालित होता है अन्न क्षेत्र

    गंगोत्री धाम में दानराशि से अन्न क्षेत्र का संचालन होता है, जहां लगभग दो हजार लोग प्रतिदिन भोजन ग्रहण करते हैं। चारों धाम में अन्न क्षेत्र संचालित करने वाला गंगोत्री एकमात्र धाम है।

    इसके अलावा गंगोत्री मंदिर समिति कई धार्मिक व सामाजिक कार्य भी करती है। इसमें निर्धन परिवार की कन्याओं का विवाह समेत आपदा प्रभावित परिवारों की मदद भी शामिल है।

    चढ़ावा गणना को लेकर कभी नहीं हुआ विवाद

    यमुनोत्री धाम की तरह गंगोत्री धाम में भी चढ़ावा गणना को लेकर कभी किसी तरह का विवाद नहीं हुआ।

    मंदिर समिति के सचिव सुरेश सेमवाल ने बताया कि कुल प्राप्त दानराशि की घोषणा मंदिर समिति अलग से करती है, जिसका सीए के माध्यम से आडिट कराया जाता है।

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