उत्तरकाशी के स्यानाचट्टी में फिर झील बनने का खतरा बढ़ा, होटल व आवासों तक पहुंचा पानी
बड़कोट के स्यानाचट्टी में यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से फिर झील बनने का खतरा मंडरा रहा है, जिससे आवासीय व व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की पहली मंजिल पानी मे ...और पढ़ें

होटल व होमस्टे आदि की पहली मंजिल नदी के पानी में डूबी। जागरण

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जागरण संवाददाता, बड़कोट (उत्तरकाशी)। बीते वर्ष यमुना नदी में झील बनने से खतरे की जद में आए स्यानाचट्टी में यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से फिर झील बनने का खतरा बना हुआ है।
यहां बीते वर्ष नदी में आए मलबे (आरबीएम) को पूरी तरह नहीं हटाए जाने से नदी का तल काफी ऊंचा हो गया है। इस कारण नदी तट से लगे आवासीय व व्यावसायिक प्रतिष्ठानों होटल व होमस्टे आदि की पहली मंजिल नदी के पानी में डूब गई हैं।
वहीं, यमुना नदी में जलस्तर खतरे के निशान महज एक मीटर नीचे है। ऐसे में यहां नदी का जलस्तर और बढ़ता है तथा बीते वर्ष की तरह कुपड़ा गाड उफान पर आता है तो खतरे से इंकार नहीं किया जा सकता है।