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    उत्तरकाशी के दयारा ट्रेक पर लापता बबीता पांडे की खोज जारी, झील में नहीं मिला सुराग

    Updated: Wed, 03 Jun 2026 10:45 AM (IST)

    दयारा बुग्याल ट्रेक पर लापता बबीता पांडे की तलाश में आज जल पुलिस की विशेष टीम गोई स्थित झील में उतरी। ...और पढ़ें

    गोई की झील। जागरण आर्काइव

    गोई की झील। जागरण आर्काइव

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    जागरण संवाददाता, उत्तरकाशी। दयारा ट्रेक पर लापता बबीता पांडे की तलाश में बुधवार को विशेष डीप डाइव टीम ने गोई के तालाब में खोजबीन की। इस दौरान टीम का एक गोताखोर सदस्य भी तालाब में उतरा। लेकिन करीब सात से आठ फिट गहरे बताए जा रहे तालाब में लापता बबीता का कोई सुराग नहीं मिला।

    इधर, चार से पांच दिन चले सघन खोज एवं बचाव अभियान के बावजूद सफलता न मिलती देख एनडीआरएफ ने अपने दो खोजी कुत्तों बन्नी व ब्राउन को वापस भेज दिया है।

    रहस्यमय ढंग से हो गई थी लापता 

    बता दें कि बीते शुक्रवार को ग्राम चिल्किया रामनगर नैनीताल निवासी 24 वर्षीय बबीता पांडे रहस्यमय ढंग से दयारा ट्रेक के पड़ाव गोई से लापता हो गई थी, उसके साथ आए उत्तरप्रदेश निवासी हरमनप्रीत सिंह व श्रीनगर निवासी हरमनपाल ने उसकी लापता होने की जानकारी ट्रेकिंग एजेंसी को दी, जिस पर ट्रेकिंग एजेंसी ने आपातकालीन 112 नंबर पर सूचना दी।

    शनिवार रात आठ बजे मिली सूचना के तत्काल बाद ही लापता बबीता की तलाश को खोज एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया गया था, जिसमें पहले पुलिस, वन विभाग, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ व एसओजी की टीमें शामिल हुए, साथ ही एनडीआरएफ के दो खोजी कुत्तों व पुलिस मुख्यालय से आए एक अन्य खोजी कुत्ते ने भी खोज एवं बचाव अभियान में मदद की।

    आपदा प्रबंधन विभाग की ड्रोन टीम की मदद से भी क्षेत्र को खंगाला गया। मंगलवार को जिला प्रशासन की मांग पर आईटीबीपी व सेना का दल भी खोज एवं बचाव अभियान में जुटा। लेकिन चार से पांच दिनों तक चले सघन खोजबीन अभियान में बबीता का कहीं कुछ पता नहीं चल पाया है। इसके बाद सभी की निगाह गोई की छानियों के पास बने तालाब पर टिकी थी, जिसमें खोजबीन के लिए मंगलवार शाम को ही विशेष डीप डाइव टीम पहुंच गई थी।

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    इस टीम में एसडीआरएफ, पुलिस, आपदा प्रबंधन मास्टर ट्रेनर व क्यूआरटी के सदस्य शामिल रहे। टीम ने बोट व गोताखोर के जरिए भी तालाब में तलाश की। एसडीआरएफ के जिला प्रभारी जेपी बिजल्वाण ने गोई के तलाब में चले खोजबीन अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि सघन खोजबीन के बावजूद कोई सुराग नहीं मिल पाया है।

    सफलता न मिलने से धीमा पड़ा अभियान

    लापता बबीता की खोजबीन को पिछले चार-पांच दिनों से चलाया जा रहा खोज एवं बचाव अभियान धीमा पड़ता नजर आ रहा है। जानकारी अनुसार कोई भी सफलता न मिलने पर अभियान में जुटे विभिन्न राहत एवं बचाव एजेंसियों में निराशा का माहौल है। यही वजह है कि एनडीआरएफ ने खोजी कुत्तों के दल को भी लौटा दिया है। वहीं, खोज एवं बचाव दलों की संख्या में भी कमी किए जाने की बात सामने आई है।

    गोई के तालाब में तो कुछ नहीं मिल पाया है। खोज एवं बचाव अभियान को बंद नहीं किया गया है। सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज के जरिए भी लापता युवती की तलाश की जा रही है। लापता के साथी युवकों पर अपहरण की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था, लेकिन उन्हें अभी गिरफ्तार नहीं किया गया है। - कमलेश उपाध्याय, एसपी उत्तरकाशी

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