Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 27, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    मंगल ग्रह पर कभी हुआ करती थी पानी से लबालब भरी झील, नासा के मार्स रोवर पर्सीवरेंस के जुटाए डाटा से और क्या मिले संकेत

    By Agency Edited By: Sonu Gupta
    Updated: Sat, 27 Jan 2024 09:00 PM (GMT+05:30)

    मंगल ग्रह पर कभी पानी से लबालब भरी झील हुआ करती थी। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के मार्स रोवर पर्सीवरेंस के जुटाए डाटा के आधार पर विज्ञानियों ने इसकी ...और पढ़ें

    मंगल ग्रह पर कभी हुआ करती थी पानी से लबालब भरी झीलः शोध
    मंगल ग्रह पर कभी हुआ करती थी पानी से लबालब भरी झीलः शोध

    HighLights

    1. नासा के मार्स रोवर पर्सीवरेंस के जुटाए डाटा से मिले संकेत, मंगल पर मौजूद था जीवन
    2. रोवर को उसी तरह की गाद मिली जैसे धरती पर नदियों और झीलों में पाई जाती है

    रायटर, लास एंजेल्स। मंगल ग्रह पर कभी पानी से लबालब भरी झील हुआ करती थी। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के मार्स रोवर पर्सीवरेंस के जुटाए डाटा के आधार पर विज्ञानियों ने इसकी पुष्टि की है।

    मंगल पर मिले प्राचीन झील के गाद

    शुक्रवार को प्रकाशित अध्ययन के अनुसार नासा के रोवर पर्सिवियरेंस को मंगल पर प्राचीन झील के गाद मिले हैं। इससे संकेत मिलता है कि मंगल पर कभी पानी और जीवन मौजूद था। रोबोटिक रोवर द्वारा किए गए ग्राउंड-पेनेट्रेटिंग रडार अवलोकनों से पता चला कि मंगल के ये हिस्से कभी पानी में डूबे हुए थे। शोध साइंस एडवांसेज जर्नल में प्रकाशित हुआ है।

    पर्सीवरेंस रोवर ने कई बार जुटाया है डाटा

    शोध का नेतृत्व कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय लास एंजिल्स (यूसीएलए) और ओस्लो विश्वविद्यालय की टीम ने किया। कार के आकार के छह-पहियों वाले पर्सीवरेंस रोवर ने वर्ष 2022 में कई बार मंगल ग्रह के सतह को स्कैन कर डाटा जुटाया।

    यह भी पढ़ेंः Japan Moon Landing: जापान के लैंडर SLIM की पहली तस्वीर आई सामने, NASA ने इतने किलोमीटर ऊपर से किया कैप्चर

    यूसीएलए के विज्ञानी डेविड पेगे ने क्या कहा?

    यूसीएलए के विज्ञानी डेविड पेगे ने कहा कि रोवर के रिमफैक्स रडार उपकरण से 65 फीट (20 मीटर) तक चट्टानों की परतों की जांच पड़ताल की। इस दौरान उसे उसी तरह की गाद मिली जैसे धरती पर नदियों और झीलों में गाद पाई जाती है। चट्टानों के अध्ययन से संकेत मिलता है कि जेरेजो क्रेटर और डेल्टा का निर्माण झीलों में मौजूद गाद से हुआ। विज्ञानी अब जेरेजो की गाद के सैंपल की बारीकी से जांच करने के लिए उत्सुक हैं। यह गाद लगभग तीन अरब वर्ष पुरानी हो सकती है।

    यह भी पढ़ेंः Japan Moon Landing: भारत की तरह जापान ने भी चांद को किया फतह, चंद्रमा की सतह पर उतरने वाला बना पांचवां देश

    खबरें और भी