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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 05, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

समाजवादी स्मार्ट फोन : बुकिंग अभी, डिलेवरी चुनाव जीतने के बाद

By Dharmendra PandeyEdited By:
Published: Mon, 05 Sep 2016 02:20 PM (IST)Updated: Tue, 06 Sep 2016 09:55 AM (IST)

विधानसभा का चुनाव जीतने के बाद अखिलेश यादव सरकार जनता के हाथों में मुफ्त मोबाइल की व्यवस्था करने जा रही है। सत्ता वापस मिलने पर समाजवादी स्मार्टफोन प्रदान किया जाएगा।

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लखनऊ (वेब डेस्क)। मुफ्त लैपटॉप के बाद स्मार्ट फोन बांटने के संकेत देने के चौथे दिन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 'समाजवादी स्मार्ट फोन योजना का एलान कर दिया। फोन के लिए आवेदन प्रक्रिया तो एक माह के अंदर ही शुरू हो जाएगी लेकिन फोन अगले वर्ष की दूसरी छमाही (जून 2017) से मिलेगा। इस बीच सूबे में विधानसभा के चुनाव होने हैं। ऐसे में फिर से सपा की सरकार बनने की दशा में ही प्रदेशवासियों को स्मार्ट फोन मिल सकेगा।

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समाजवादी स्मार्ट फोन योजना के संबंध में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के फैसले की जानकारी सोमवार को सरकारी प्रवक्ता ने दी। मुफ्त लैपटॉप देने की कामयाबी के बाद सपा सरकार ने अब 'समाजवादी स्मार्ट फोन योजनाट शुरू करने का निर्णय किया है। मुख्यमंत्री का मानना है कि इससे जनता व सरकार के बीच टू-वे कम्युनिकेशन को बढ़ावा मिलेगा। जनता एवं लाभार्थियों से योजना के संबंध में फीडबैक मिल सकेगा।

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समाजवादी स्मार्ट फोन अत्याधुनिक तकनीक युक्त होगा जिसमें सरकारी योजनाओं का ब्यौरा भी होगा।

नौकरी के आवेदन से लेकर विद्यार्थियों के लिए पठनीय सामग्री, प्रवेश, परिणाम भी इसी माध्यम से उपलब्ध कराये जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि 18 लाख नि:शुल्क लैपटॉप बांटने में गुणवत्ता व भ्रष्टाचार की कोई शिकायत नहीं मिली। समाजवादी स्मार्ट फोन योजना को भी भ्रष्टाचार मुक्त रखा जाएगा इसीलिए आवेदक को आन लाइन रजिस्ट्रेशन कराना होगा और पहले आओ, पहले पाओ की नीति पर मोबाइल फोन का वितरण लाभार्थी के घर पर होगा।

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योजना की खास बातें

- ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया एक माह के अंदर शुरू होगी

-स्मार्ट फोन अगले वर्ष की दूसरी छमाही (जून-2017) में बंटेंगे यानी चुनाव बाद फिर से समाजवादी सरकार बननी चाहिए

-उत्तर प्रदेश के नागरिक ही मोबाइल पाने के पात्र होंगे

- जनवरी 2017 को आवेदक की उम्र 18 साल होना आवश्यक होगा

-आवेदक का हाईस्कूल पास होना अनिवार्य होगा

-सरकारी अधिकारी-कर्मचारी और उनके आश्रित स्मार्ट मोबाइल फोन के पात्र नहीं होंगे

-निजी क्षेत्र में कार्यरत व्यक्ति व उसके आश्रित की सालाना आय दो लाख से ऊपर होने पर पात्रता नहीं होगी

-स्मार्ट मोबाइल फोन पहले आओ, पहले पाओ की नीति पर डाक सेवा के जरिए संबंधित व्यक्ति के घर भेजे जाएंगे

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ऐसे करना होगा आवेदन

- ऑनलाइन आवेदन के साथ हाईस्कूल की अंक तालिका की कापी अटैच (संलग्न) करनी होगी

-आवेदनपत्र की सूचना आवेदक को स्वत: प्रमाणित करनी होगी

मोबाइल की खासियत

- किसी भी कंपनी के स्मार्ट फोन में उपलब्ध फीचर्स सरकारी फोन में भी होंगे। कई एकल एप्लीकेशन भी होंगे

-सरकारी योजनाओं का ऑडियो, वीडियो एवं सूचनात्मक टेक्स्ट मैटर इसमें आता रहेगा।

- बाजार दर, मौसम, अभिनव कार्यपद्धति (बेस्ट प्रैक्टिसेस) भी यह फोन बतायेगा

-दूध संग्रह एवं परिवहन केन्द्र, मूल्य और कारोबार की नई तकनीकें भी बतायेगा।

-सरकारी नौकरियों की रिक्तियां, आवेदन के एप्लीकेशन फोन में होंगे। पाठ्य सामग्री भी उपलब्ध रहेगी।

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यादव ने कहा समाजवादी स्मार्ट फोन के लाभार्थियों के चयन का तरीका पूरी तरह से पारदर्शी होगा। सरकारी प्रवक्ता के मुताबिक योजना के लाभार्थियों को राज्य सरकार के किसी कार्यालय में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह भी व्यवस्था की जा रही है कि ऑनलाइन लाभार्थी के चयन के बाद स्मार्ट फोन सीधे लाभार्थी के घर प्रेषित किया जाएगा, ताकि इसमें किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार सम्भव न हो सके। उन्होंने बताया कि इच्छुक लाभार्थी को कम से कम हाईस्कूल पास होना चाहिए।

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इसके लिए एक माह के अंदर पंजीयन की कार्रवाई शुरू हो जाएगी। इसके ऑनलाइन आवेदन के लिए उत्तर प्रदेश का नागरिक होना जरूरी है। आवेदक की न्यूनतम आयु 01 जनवरी, 2017 को कम से कम 18 वर्ष अवश्य होनी चाहिए। सरकारी सेवा में कार्य करने वाले व्यक्ति आवेदन के पात्र नहीं होंगे। इसके अलावा यदि आवेदक का अभिभावक भी सरकारी सेवा में कार्यरत है तो आवेदन नहीं किया जा सकता।

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इसी प्रकार यदि कोई आवेदक निजी क्षेत्र में कार्यरत है और परिवार की वार्षिक आय 02 लाख रुपए से कम है, तभी आवेदन किया जा सकेगा। ऑनलाइन पंजीयन करते समय केवल हाईस्कूल प्रमाण-पत्र की स्कैन्ड कॉपी अपलोड करना जरूरी होगा। इसके अलावा रजिस्ट्रेशन के समय और कोई कागजात देय नहीं है। स्मार्ट फोन का वितरण वर्ष 2017 की दूसरी छमाही में फस्र्ट कम/रजिस्ट्रेशन-फस्र्ट सर्व की व्यवस्था के माध्यम से किया जाएगा।

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आवेदक को पंजीयन के समय एप्लीकेशन में दी गई सूचना को स्वत: प्रमाणित करना होगा। इसके साथ ही एप्लीकेशन के प्रत्येक स्तर पर एमएमएस के माध्यम से अलर्ट मैसेज देने की भी व्यवस्था होगी।

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने चुनाव से पहले मास्टरस्ट्रोक चला है। सीएम अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री मोदी के डिजिटल इंडिया मुहीम को नई ऊँचाई देते हुए कहा कि अगर उनकी सरकार सत्ता में वापस आई तो 18 वर्ष से अधिक उम्र वाले सभी लोगों को मोबाइल दिया जाएगा। समाजवादी पार्टी इसे अपने घोषणा पत्र में भी शामिल करेगी। मोबाइल देने की घोषणा से समाजवादी पार्टी विरोधियों को पटखनी देने की जुगत में है।

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इससे पहले प्रदेश के होनहार छात्र-छात्राओं को फ्री लैपटॉप का वादा कर समाजवादी पार्टी 2012 में पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में काबिज हुई थी। इसी क्रम में एक बार फिर मोबाइल देने की घोषणा कर वह युवा वोटरों को अपने पक्ष में करने की फिऱाक में है। मोबाइल के जरिये प्रदेश में डिजिटल मुहीम को नई ऊँचाई भी देने का सन्देश देना चाहते हैं।

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लखनऊ में मुख्यमंत्री ने चार दिन पहले एक मोबाइल कंपनी के फोर-जी नेटवर्क की लांचिंग पर इसका इशारा भी किया था। उन्होंने कहा कि देश में तकनीकी का तेजी से विस्तार हो रहा है। फोर-जी के आने से तकनीकी विस्तार में और तेजी आयेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोग कहते थे कि समाजवादी पार्टी तकनीकी के विरोध में है लेकिन लैपटाप बंटने के बाद सब कुछ गलत साबित हुआ। उन्होंने कहा कि जल्द ही हमारा उत्तर प्रदेश मोबाइल फोन के निर्माण का केन्द्र बन जायेगा।

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नोएडा में पहले से ही कुछ मोबाइल कम्पनियां काम कर रही हैं जबकि कई अन्य आ रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा वह चाहते हैं कि स्कूलों में खेल के मैदान में सीसीटीवी कैमरे लग जायें लेकिन कुछ छात्रों ने इसका विरोध कर दिया क्योंकि उन्हें स्कूल से भागने का मौका नहीं मिलता। थानों में वीडियो फोन लगने पर उसके दुरुपयोग की भी सम्भावना रहेगी। तकनीकी विकास के दौर में भी सार्वजनिक स्थलों, पार्कों और नदियों के किनारे सीसीटीवी लग जाने पर निजी जिन्दगी में दखलंदाजी हो सकती है।

अखिलेश यादव ने इस मौके पर कहा था उनकी सरकार के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश मोबाइल कम्पनियों का बड़ा बाजार बन गया है। मुख्य सचिव दीपक सिंघल ने कहा कि फोर-जी आ जाने के बाद अब थानों, तहसीलों और विकासखण्डों को भी जोड़ा जायेगा। फोर-जी आने के बाद अब इस सेवा का विस्तार दूर दराज क्षेत्रों में भी हो जाना चाहिए।

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