क्या आपकी राशि के लिए शुभ है पीला पुखराज? पहनने से करियर में होगी खूब तरक्की
वैदिक ज्योतिष के अनुसार, पीला पुखराज देवगुरु बृहस्पति का रत्न है, जो कुछ राशियों के लिए बेहद शुभ माना जाता है और जीवन में सुख-शांति लाता है। यह रत्न क ...और पढ़ें

पीले पुखराज से शुरू होगा गोल्डन टाइम (Image Source: AI-Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष में पीला पुखराज को बेहद शुभ और प्रभावशाली रत्न माना गया है। यह देवगुरु बृहस्पति का प्रमुख रत्न है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, पीला पुखराज पहनने से भगवान विष्णु और गुरु बृहस्पति की कृपा प्राप्त होती है और व्यक्ति के जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।
इस रत्न को सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत माना जाता है। कुछ राशियों के लिए पीला पुखराज बेहद शुभ माना जाता है। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं किन राशियों को पहनना चाहिए पीला पुखराज और इससे जुड़े नियम के बारे में।
इन राशियों को पहनना चाहिए पीला पुखराज?
धनु- आपकी राशि का स्वामी ग्रह बृहस्पति है। इसलिए धनु राशि के लिए पीला पुखराज बेहद लाभकारी माना जाता है। इसको धारण करने से व्यक्ति के करियर में तरक्की होती है और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।
मीन- मीन राशि के भी स्वामी बृहस्पति है। इसलिए मीन राशि के लोगों को पीला पुखराज पहनने से आध्यात्मिक उन्नति होती है और जीवन में सफलता प्राप्त होती है। साथ ही रुके हुए काम पूरे होते हैं। इसके अलावा पीला पुखराज धारण करने के लिए आप किसी ज्योतिष की भी सलाह ले सकते हैं।
खबरें और भी
-1780390961180.jpg)
(Image Source: AI-Generated)
किन राशियों को पुखराज पहनने से बचना चाहिए?
वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला, मकर और कुंभ राशि वाले जातकों को पीला पुखराज नहीं पहनना चाहिए, क्योंकि इन राशियों के स्वामी ग्रहों की बृहस्पति से शत्रुता होती है।
यह भी पढ़ें- मूंगा रत्न 2 राशियों का जगाता है सोया भाग्य, पहनने से पहले पढ़ लें ये जरूरी नियम
पीला पुखराज पहनने के नियम
- पीला पुखराज पहनने के लिए गुरुवार का दिन शुभ माना जाता है।
- इस दिन स्नान करने के बाद मंदिर में पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठ जाएं।
- इसके बाद पीला पुखराज को पंचामृत से शुद्धिकरण करें।
- इसे थोड़ी देर के लिए गंगाजल, कच्चा दूध, शहद, घी में डाल कर रखें। इससे सारी अशुद्धियां दूर हो जाती हैं।
- इसके बाद अंगूठी पर चंदन या हल्दी का तिलक लगाएं, पीले फूल अर्पित करें। अब कुछ थोड़ी देर के लिए रत्न को मंदिर में रखें।
- जल लेकर गुरु देव का ध्यान करें। इसके बाद "ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः" मंत्र का जप करते हुए दाएं हाथ की तर्जनी उंगली में पहनें।
- इसके बाद गुरु को प्रसन्न करने के लिए मंदिर या गरीब लोगों को अन्न-धन समेत आदि चीजों का दान करें।
यह भी पढ़ें- स्फटिक रत्न पहनते ही इन राशियों का शुरू होता है गोल्डन टाइम, चुंबक की तरह खींचता है पैसा!
यह भी पढ़ें- कालसर्प दोष से हैं परेशान? तो आज ही पहनें ये रत्न, आपकी हर परेशानी होगी कोसों दूर
अस्वीकरण: ''इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है''।