Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    क्या लालू के पड़ोसी बनेंगे नीतीश? 7 सर्कुलर रोड का आलीशान बंगला तैयार, कोर्ट के आदेश से अटका पेंच

    Updated: Mon, 09 Mar 2026 09:46 AM (IST)

    मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद नीतीश कुमार के नए आवास को लेकर अटकलें तेज हैं। माना जा रहा है कि वे पटना के 7 सर्कुलर रोड स्थित बंगले में शिफ्ट हो सकते ह ...और पढ़ें

    HighLights

    1. नीतीश कुमार 7 सर्कुलर रोड बंगले में शिफ्ट हो सकते हैं।

    2. पटना हाईकोर्ट के आदेश से बंगले पर कानूनी सवाल।

    3. लालू यादव के पड़ोसी बनने की संभावना है नीतीश की।

    डिजिटल डेस्क, पटना। मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद नीतीश कुमार के नए ठिकाने को लेकर चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा है कि वह पटना के 7 सर्कुलर रोड स्थित बंगले में शिफ्ट हो सकते हैं।

    हालांकि यह मामला इतना आसान नहीं है। पटना हाईकोर्ट के आदेश के कारण यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या उन्हें यह सरकारी बंगला मिल पाएगा या नहीं।

    लालू यादव के पड़ोसी बनने की संभावना

    अगर नीतीश कुमार 7 सर्कुलर रोड में रहने जाते हैं तो वह राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के पड़ोसी बन जाएंगे।

    राबड़ी देवी का सरकारी आवास इस बंगले से करीब 200 मीटर की दूरी पर है। दोनों बंगले सर्कुलर रोड के दक्षिण हिस्से में स्थित हैं।

    खुद की देखरेख में बनवाया था बंगला

    7 सर्कुलर रोड का यह बंगला नीतीश कुमार की खास पसंद माना जाता है। इस बंगले का निर्माण उनकी देखरेख में कराया गया था।

    बंगले को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह भूकंप के तेज झटकों को भी झेल सके। इसके बड़े लॉन में कोलकाता से मंगाकर खास घास लगाई गई है।

    सीएम ऑफिस के तौर पर हो रहा इस्तेमाल

    फिलहाल 7 सर्कुलर रोड आवास का उपयोग मुख्यमंत्री कार्यालय के रूप में किया जा रहा है। नीतीश कुमार लंबे समय से इस बंगले का इस्तेमाल करते रहे हैं। यह आवास प्रशासनिक गतिविधियों और राजनीतिक बैठकों का भी केंद्र रहा है।

    2014 में भी इसी बंगले में रहने आए थे नीतीश

    लोकसभा चुनाव 2014 में हार के बाद नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद छोड़ दिया था। उस समय उन्होंने जीतन राम मांझी को मुख्यमंत्री बनाया था।

    इसके बाद वह रहने के लिए 7 सर्कुलर रोड में ही आ गए थे और यहीं से उन्होंने फिर राजनीतिक रणनीति तैयार की थी।

    2015 में फिर मुख्यमंत्री बने थे

    इसी बंगले में रहते हुए नीतीश कुमार ने बाद में जीतन राम मांझी से मुख्यमंत्री की कुर्सी वापस ले ली थी।

    2015 के विधानसभा चुनाव में जीत के बाद वह फिर मुख्यमंत्री बने और सीएम आवास 1 अणे मार्ग चले गए।

    कोर्ट के आदेश से खड़ा हुआ कानूनी सवाल

    2019 में पटना हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन सरकारी बंगला देने की व्यवस्था पर रोक लगा दी थी।

    मुख्य न्यायाधीश एपी शाही की खंडपीठ ने इसे असंवैधानिक करार दिया था और कहा था कि पद छोड़ने के बाद पूर्व सीएम आम नागरिक की तरह होते हैं।

    इन नेताओं पर असर

    हाईकोर्ट के फैसले के बाद लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, जगन्नाथ मिश्र, जीतन राम मांझी, सतीश प्रसाद सिंह जैसे पूर्व मुख्यमंत्रियों पर भी असर पड़ा था।

    कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के ‘लोक प्रहरी’ मामले का हवाला देते हुए कहा था कि सरकारी खजाने पर बोझ डालकर आजीवन बंगला देना सही नहीं है।

    सरकार चाहे तो किराये पर दे सकती है घर

    बिहार में फिलहाल पूर्व मुख्यमंत्री को स्थायी सरकारी बंगला देने का नियम नहीं है। हालांकि सरकार चाहे तो किसी पूर्व सीएम को किराये पर आवास उपलब्ध करा सकती है। इसी कारण यह चर्चा है कि नीतीश कुमार को 7 सर्कुलर रोड बंगला मिल भी सकता है।

    सुरक्षा और सुविधाओं से लैस है बंगला

    7 सर्कुलर रोड का पूरा इलाका हाई सिक्योरिटी जोन में आता है। चारों तरफ ऊंची दीवार, सीसीटीवी कैमरे और सुरक्षा बल तैनात हैं।

    बंगले में छह वीआईपी बेडरूम, बड़े ड्रॉइंग और मीटिंग हॉल, डाइनिंग हॉल और बड़ा लॉन है। लॉन के बीच एक छोटा तालाब भी बनाया गया है।

    नंबर 7 को लकी मानते हैं नीतीश

    नीतीश कुमार के राजनीतिक जीवन में नंबर 7 का खास महत्व माना जाता है।

    उन्होंने 1977 में राजनीति शुरू की थी और मुख्यमंत्री रहते हुए अपनी महत्वाकांक्षी योजनाओं को ‘7 निश्चय’ नाम दिया था।

    यह भी पढ़ें- नीतीश कुमार जाएंगे दिल्ली, बेटे निशांत संभालेंगे पटना; आज होगी JDU में ग्रैंड एंट्री

    यह भी पढ़ें- नीतीश के राज्यसभा जाने के फैसले से नाराज दिखे पुश्तैनी गांव वाले, कल्याण बिगहा में छलका लोगों का दर्द

    यह भी पढ़ें- नीतीश अकेले नहीं… बिहार के सात सीएम अपने बेटों को सियासत में ला चुके, अब निशांत की बारी

    यह भी पढ़ें- 'चिंता मत कीजिए, मैं बिहार में भी रहूंगा'; JDU की बैठक में बोले सीएम नीतीश कुमार