365 दिन में ₹1.98 लाख करोड़ मुनाफा, सरकारी बैंकों ने रचा इतिहास; पहली बार हर मोर्चे पर जबरदस्त प्रदर्शन
सरकारी बैंकों ने वित्त वर्ष 2025-26 में ₹1.98 लाख करोड़ का रिकॉर्ड शुद्ध मुनाफा कमाकर इतिहास रचा है। यह प्रदर्शन मजबूत व्यावसायिक वृद्धि, बेहतर एसेट क ...और पढ़ें
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HighLights
सरकारी बैंकों ने ₹1.98 लाख करोड़ का रिकॉर्ड मुनाफा कमाया।
लगातार चौथे वर्ष मुनाफे में रहे, मजबूत वित्तीय प्रदर्शन।
NPA घटकर 1.93% हुआ, बैंकों की एसेट क्वालिटी में सुधार।
नई दिल्ली। सरकारी बैंकों (PSBs) ने वित्तीय प्रदर्शन के मोर्चे पर इतिहास रच दिया है। दरअसल, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान मजबूत वित्तीय प्रदर्शन ((PSB Financial Performance) जारी रखा और इस अवधि में ₹1.98 लाख करोड़ का ऑल टाइम हाई नेट प्रॉफिट हासिल किया, और लगातार चौथे वर्ष मुनाफे में रहे।
सरकारी बैंकों का यह प्रदर्शन निरंतर व्यावसायिक वृद्धि, बेहतर एसेट क्वालिटी, रिकॉर्ड प्रॉफेटिबिलिटी और मजबूत कैपिटल पॉजिशन को दर्शाता है। बेहतर प्रदर्शन तेजी से बढ़ती भारतीय अर्थव्यवस्था की लोन जरुरतों को पूरा करने में पीएसबी की लचीलता, स्थिरता और बढ़ी हुई संस्थागत क्षमता को प्रदर्शित करता है।
FY26 में सरकारी बैंकों का प्रदर्शन
- सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSB) का कुल कारोबार 31.03.2026 को बढ़कर ₹283.3 लाख करोड़ हो गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 12.8% की वृद्धि दर्शाता है।
- बैंकों की कुल जमा राशि में वार्षिक आधार पर 10.6% की वृद्धि हुई और यह ₹156.3 लाख करोड़ तक पहुंच गई, जो जमाकर्ताओं के निरंतर विश्वास और पीएसबी द्वारा मजबूत संसाधन जुटाने को दर्शाती है।
- एडवांस डिपॉजिट में वार्षिक आधार पर 15.7% की वृद्धि दर्ज की गई और यह ₹127 लाख करोड़ तक पहुंच गया, जो अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों में लोन की निरंतर मांग को दर्शाता है।
- वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान रिटेल, एग्रीकल्चर और MSMEs क्षेत्रों में लोन ग्रोथ व्यापक आधार पर बनी रही।
- खुदरा, कृषि और लघु एवं मध्यम उद्यम (MSMEs) के लिए दिए गए लोन में क्रमशः 18.1%, 15.5% और 18.2% की वृद्धि हुई।
बैंकों की एसेट क्वालिटी में सुधार
वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान सरकारी बैंकों (PSB) की एसेट क्वालिटी में उल्लेखनीय सुधार हुआ, 31.03.2026 तक बैंकों का नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) रेशियो घटकर 1.93% और नेट एनपीए रेशियो घटकर 0.39% रह गया। यह बैंकों की एसेट क्वालिटी में उल्लेखनीय सुधार को दर्शाता है। इसके अलावा, प्रत्येक पीएसबी ने 90% से अधिक का प्रोविजिनिंग कवरेज रेशियो बनाए रखा, जो प्रभावी रिस्क मैनेजमेंट सिस्टम और मजबूत बैलेंस शीट की ओर इशारा करता है।
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वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान न्यू लोन बकाया में लगातार गिरावट जारी रही, जिससे स्लिपेज रेशियो घटकर 0.7% हो गया। बट्टे खाते में डाले गए खातों से वसूली समेत कुल रिकवरी ₹86,971 करोड़ रही, जो सरकारी बैंकों में बेहतर रिकवरी सिस्टम और बेहतर लोन डिस्पिलिन को दर्शाती है।
सोर्स- पीआईबी प्रेस रिलीज