मालवीय नगर अग्निकांड के बाद 30 दिन का एक्शन प्लान, होटल-कोचिंग पर चलेगा हंटर; दिल्ली सरकार के 13 बड़े फैसले
मालवीय नगर अग्निकांड के बाद दिल्ली सरकार एक महीने का बड़ा प्रवर्तन अभियान शुरू किया है। एलजी और गृह मंत्री की आपात बैठक में फायर सेफ्टी जांच, अवैध निर ...और पढ़ें

बृहस्पतिवार से शुरू हो रहा है दिल्ली सरकार का महा अभियान। फोटो: पीटीआई
HighLights
दिल्ली में एक महीने का प्रवर्तन एवं रोकथाम अभियान शुरू
मालवीय नगर अग्निकांड के बाद एलजी-गृह मंत्री की बैठक
फायर सेफ्टी नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थान होंगे सील
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। बृहस्पतिवार से दिल्ली में एक महीने का बड़ा प्रवर्तन एवं रोकथाम अभियान चलाया जाएगा। दिल्ली सरकार का गृह विभाग इस पूरे अभियान का नोडल विभाग होगा।
सभी संबंधित विभागों का नेतृत्व करेगा। मुख्य सचिव और पुलिस आयुक्त खुद अगले एक महीने तक इस पूरे अभियान की निगरानी करेंगे। इस अभियान के दौरान नियमों को ताक पर रखने वाले संस्थान सील किए जाएंगे।
मालवीय नगर में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद दिल्ली सरकार और प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। इसी हादसे को लेकर एलजी टीएस संधू और दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने बुधवार को एक उच्च स्तरीय आपातकालीन समीक्षा बैठक की।
बैठक में इस त्रासदी की जांच और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए एक कड़ा एक्शन प्लान तैयार किया गया है। प्रशासन ने हादसे की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए हैं जो इलाके के जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) की देखरेख में होगी और दोषियों की जवाबदेही तय करेगी।
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बैठक में लिए गए 13 बड़े और कड़े फैसले
- व्यापक चेकिंग ड्राइव: दिल्ली के सभी होटलों, लाॅज, गेस्ट हाउस, नर्सिंग होम, कोचिंग संस्थानों, रेस्टोरेंट और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में फायर सेफ्टी नियमों की कड़ाई से जांच होगी।
- एसोसिएशनों के साथ बैठक: दिल्ली पुलिस, एमसीडी और पर्यटन विभाग मिलकर सभी होटल एसोसिएशनों के साथ बैठक करेंगे और उन्हें फायर सेफ्टी व लाइसेंस नियमों का पालन करने की सख्त चेतावनी देंगे।
- अवैध कमरों पर ताला: होटलों और लॉज में तय क्षमता से अधिक पाए जाने वाले सभी अतिरिक्त कमरों को तुरंत बंद कराया जाएगा।
- सख्त जमीनी कार्रवाई: ग्राउंड लेवल पर जांच के लिए डीएम, डीसीपी, डीसी एमसीडी और फायर विभाग के अधिकारियों की एक संयुक्त टीम बनाई गई है, जो सीधे कार्रवाई करेगी।
- 15 दिन का अल्टीमेटम: सभी व्यावसायिक परिसरों को अगले 15 दिनों के भीतर अपने फायर सेफ्टी उपकरण, पानी के टैंक और वाटर सप्लाई सिस्टम दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। बृहस्पतिवार से ही इन इमारतों का आडिट भी शुरू हो जाएगा।
- डिफाल्टर्स पर सीलिंग और कानूनी कार्रवाई: जो भी संस्थान नियमों का उल्लंघन करते पाए जाएंगे, उन्हें तुरंत बंद (सील) कर दिया जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।
- जनता से फीडबैक और हेल्पलाइन: नियम तोड़ने वाली इमारतों की पहचान के लिए फायर विभाग एक हफ्ते के भीतर एक समर्पित हेल्पलाइन नंबर और ईमेल जारी करेगा, जहां जनता अपनी शिकायत दर्ज करा सकेगी।
- अवरोधों को हटाना: जमीन का मालिकाना हक रखने वाली एजेंसियां, दिल्ली फायर सर्विस और दिल्ली पुलिस मिलकर एक सर्वे करेंगी, ताकि उन रास्तों की पहचान की जा सके जहां फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को पहुंचने में दिक्कत होती है। इन रास्तों से अतिक्रमण हटाया जाएगा।
- डिजिटल माध्यम से जागरूकता: फायर सेफ्टी नियमों की जानकारी सभी व्यावसायिक इमारतों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों को डिजिटल रूप में भेजी जाएगी, ताकि मालिक खुद अपनी तैयारियों की जांच कर सकें और कमियों को सुधार सकें।
- आरडब्ल्यूए और व्यावसायिक भवनों को आदेश: सभी कमर्शियल बिल्डिंग्स और आरडब्ल्यूए को अपने स्तर पर भी फायर सेफ्टी उपकरण, टैंक और वाटर सप्लाई सिस्टम की जांच कर यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि वे सभी नियमों के अनुरूप हैं।
- कड़ी सीलिंग और कानूनी कार्रवाई: नियमों का उल्लंघन करने वाले डिफाल्टर्स के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और सीलिंग की जाएगी। ऐसी इमारतों की पहचान के लिए फायर विभाग एक हफ्ते के भीतर एक समर्पित हेल्पलाइन नंबर और ईमेल जारी करेगा, जहां जनता सीधे शिकायत/फीडबैक दर्ज करा सकेगी।
- रास्तों के अवरोध हटाना: जमीन का मालिकाना हक रखने वाली एजेंसियां, दिल्ली फायर सर्विस और दिल्ली पुलिस मिलकर एक सर्वे करेंगी, ताकि उन संकरे रास्तों या अड़चनों की पहचान की जा सके जहां फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को पहुंचने में दिक्कत होती है। जहां संभव होगा, इन रास्तों से अतिक्रमण हटाया जाएगा और बाकी जगहों पर आग बुझाने के वैकल्पिक इंतजाम किए जाएंगे।
मौजूदा हादसे के पीड़ितों के लिए तुरंत राहत
- घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सहायता दी जाएगी।
- मृतकों की पहचान को प्राथमिकता दी जाएगी, जिसके लिए डीएनए सैंपलिंग की जाएगी।
- पीड़ितों के परिजनों और (यदि विदेशी नागरिक हैं तो) संबंधित दूतावासों को सूचित किया जाएगा।
- अंतिम संस्कार, दफनाने या शवों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए प्रशासन पूरी सहायता करेगा।
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