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    दिल्ली में ऑनलाइन सट्टेबाजी का गिरोह पकड़ा, 'रेड्डी अन्ना' एप चलाने वाले तीन गिरफ्तार; 20 डेबिट कार्ड बरामद

    Updated: Wed, 29 Apr 2026 03:04 PM (IST)

    बिंदापुर थाना पुलिस ने 'रेड्डी अन्ना' ऐप के जरिए ऑनलाइन सट्टेबाजी और धोखाधड़ी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने तीन आरोपियो ...और पढ़ें

    पुलिस ने 'रेड्डी अन्ना' नामक एप के जरिए जुआ खिलाने वाले तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया है।

    पुलिस ने 'रेड्डी अन्ना' नामक एप के जरिए जुआ खिलाने वाले तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया है।

    HighLights

    1. 'रेड्डी अन्ना' ऐप से ऑनलाइन सट्टेबाजी गिरोह का भंडाफोड़।

    2. बिंदापुर पुलिस ने तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार।

    3. 20 डेबिट कार्ड, मोबाइल, लैपटॉप सहित सामग्री बरामद।

    जागरण संवाददाता, पश्चिमी दिल्ली। बिंदापुर थाना पुलिस ने आनलाइन सट्टेबाजी और धोखाधड़ी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने 'रेड्डी अन्ना' नामक एप के जरिए जुआ खिलाने वाले तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया है।

    इनके पास से छह मोबाइल फोन, एक लैपटाॅप, 20 डेबिट कार्ड, चार पासबुक और दो चेक बुक बरामद की गई हैं। इस मामले में पुलिस ने ढुलो कुमार, मिथिलेश कुमार व ज्योतिष कुमार को गिरफ्तार किया है। मामले की छानबीन जारी है।

    मोबाइल पर सट्टेबाजी का हिसाब-किताब करते पकड़ा

    बिंदापुर थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि दयालसर रोड, ओम विहार स्थित एक मकान में कुछ युवक संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त हैं। एसीपी डाबड़ी संजीव कुमार और बिंदापुर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर नरेश सांगवान के नेतृत्व में इंस्पेक्टर मनोज भास्कर की टीम ने मकान पर छापेमारी की। मौके पर पुलिस ने तीन युवकों को रंगे हाथों लैपटाॅप और मोबाइल पर सट्टेबाजी का हिसाब-किताब करते पकड़ा।

    क्रिकेट मैच, कैसीनो और अन्य खेलों पर ऑनलाइन दांव

    जांच में पता चला कि आरोपित रेड्डी अन्ना ऐप के जरिए लोगों की आईडी बनाते थे और उन्हें प्वाइंट्स आवंटित करते थे। एक प्वाइंट की कीमत एक रुपया तय की गई थी। इन प्वाइंट्स का उपयोग करके लोग क्रिकेट मैच, कैसीनो और अन्य खेलों पर ऑनलाइन दांव लगाते थे।

    संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही

    पूछताछ में आरोपितों ने पुलिस को बताया कि वे बिहार के ही रहने वाले राजा और बबलू के लिए काम करते हैं। इसके बदले उन्हें 15 से 20 हजार रुपये महीना वेतन मिलता था। राजा और बबलू ही उन्हें बैंक खाते, डेबिट कार्ड और निर्देश उपलब्ध कराते थे। पुलिस अब फरार मुख्य आरोपितों राजा और बबलू की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।

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