दिल्ली से पंजाब तक AAP को लगा डेंट, अरविंद केजरीवाल के करीबी अब भाजपा के सारथी
राघव चड्ढा ने 6 अन्य AAP सांसदों के साथ भाजपा में शामिल होने की घोषणा की, जिसमें दिल्ली से स्वाति मालीवाल भी शामिल हैं, जिससे AAP को दिल्ली से पंजाब त ...और पढ़ें

राघव चड्ढा ने भी छोड़ी आम आदमी पार्टी।
HighLights
राघव चड्ढा संग स्वाति मालीवाल ने भाजपा में शामिल होने की घोषणा की।
स्वाति मालीवाल की AAP से बढ़ती दूरियां और बिभव कुमार विवाद।
राज्यसभा सदस्यता बचाने के लिए पार्टी नहीं छोड़ी थी।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। राघव चड्ढा ने आज आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में जाने का एलान किया तो उन्होंने अपने साथ ही पार्टी के 6 अन्य सांसद संदीप पाठक, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता, विक्रमजीत साहनी और स्वाति मालीवाल का भी नाम लिया। इन सात नामों में सभी सांसद पंजाब से हैं सिवाय स्वाति मालीवाल के, वह दिल्ली से आम आदमी पार्टी की सांसद हैं। स्वाति मालीवाल को पार्टी ने जनवरी 2024 में राज्यसभा सांसद बनाया था।
2024 मई से उनकी और पार्टी की जो दूरियां बढ़ती गईं वो भाजपा में शामिल होने के एलान के साथ खत्म हुई। यह वही वक्त था जब केजरीवाल को जेल जाना पड़ा था और राघव चड्ढा व स्वाति मालीवाल ने उनसे दूरी बना ली थी।
केजरीवाल के जेल जाने पर स्वाति मालीवाल ने भी पार्टी से एक अनकही दूरी बना ली थी और वह न तो पार्टी के प्रदर्शनों में दिखती थीं और न ही पार्टी के किसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में।
जब जेल से बाहर आए केजरीवाल से मिलने पहुंची स्वाति और...
अरविंद केजरीवाल जब साल 2024 में लोकसभा चुनाव प्रचार के लिए कुछ दिन के लिए जेल से बाहर आए तो स्वाति मालीवाल उनसे मिलने गईं। इसके बाद उन्होंने आरोप लगाया कि सीएम आवास में बिभव कुमार ने उनके साथ बदसलूकी करते हुए उनके साथ हाथापाई की। केजरीवाल घर के अंदर थे लेकिन उन्हें केजरीवाल से मिलने नहीं दिया गया।
इस घटना के चलते केजरीवाल के पीए बिभव कुमार को जेल तक जाना पड़ा। यही वो समय था जब स्वाति पार्टी से दूर हो गईं, पार्टी के खिलाफ लगातार सोशल मीडिया पर पोस्ट करती रहीं लेकिन पार्टी नहीं छोड़ी।
ऐसे में लंबे समय से यह कयास लगाए जा रहे थे कि स्वाति बीजेपी ज्वाइन कर सकती हैं लेकिन अगर वह अकेल ऐसा करतीं तो उनकी राज्यसभा सदस्यता जा सकती थी। ऐसे में न पार्टी ने उन्हें निकाला न वो पार्टी से अलग हुईं।
खबरें और भी
कौन हैं स्वाति मालीवाल जानें उनके बारे में और...
- स्वाति मालीवाल का जन्म 15 अक्टूबर 1984 को गाजियाबाद हुआ, लेकिन उनकी शिक्षा-दीक्षा अलग-अलग शहरों में हुई है।
- 2002 में उन्होंने एमिटी स्कूल, नोएडा से इंटरमीडिएट किया।
- 2006 में दिल्ली के आईपी विश्वविद्यालय से सूचना प्रौद्योगिकी में इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की।
- कॉलेज में पढ़ाई के दौरान ही समाजसेवा की ओर उनका रुझान हुआ और वह पर्यावरण संरक्षण के लिए काम करने वाले गैर सरकारी संगठन ग्रीनपीस से जुड़ गईं।
- इसके बाद अरविंद केजरीवाल के एनजीओ ‘परिवर्तन’ के लिए काम किया। इस दौरान उन्होंनने जन वितरण प्रणाली में सुधार लाने और सूचना का अधिकार के प्रति लोगों को जागरूक किया।
- दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद स्वाति मालीवाल को मुख्यमंत्री जन शिकायत प्रकोष्ठ का प्रमुख बनाया गया
- मुख्यमंत्री के जनता संवाद में आने वाले लोगों की समस्याओं के समाधान की जिम्मेदारी उन्हीं को सौंपी गई।
- 2015 में उन्हें दिल्ली महिला आयोग का अध्यक्ष बनाया गया और अध्यक्ष बनते ही उन्होंने दिल्ली की सबसे बदनाम और स्याह बस्ती जीबी रोड के तमाम कोठों को नोटिस जारी करके अपने इरादे जाहिर कर दिए।
- 2018 में उनके कार्यकाल में विस्तार कर दिया गया। इससे पहले वह उस समय सुर्खियों का हिस्सा बनीं जब बच्चियों से बलात्कार करने वालों को फांसी देने और कुछ अन्य मांगों के साथ दस दिन की भूख हड़ताल पर रहीं।
यह भी पढ़ें- राघव चड्ढा ने 22 दिनों में खिसका दी AAP की जमीन, 7 सांसदों के साथ मिलकर कैसे किया 'खेल'? INSIDE STORY
यह भी पढ़ें- 'अब केजरीवाल के गैंग में चोर और भ्रष्ट ही बचे', राघव चड्ढा के BJP में आने के बाद कपिल मिश्रा का बड़ा हमला
यह भी पढ़ें- भाजपा के हुए राघव चड्ढा, अरविंद केजरीवाल ने एक लाइन में बयां किया दर्द