राघव चड्ढा ने 22 दिनों में खिसका दी AAP की जमीन, 7 सांसदों के साथ मिलकर कैसे किया 'खेल'? INSIDE STORY
आम आदमी पार्टी के युवा नेता राघव चड्ढा ने 6 अन्य सांसदों के साथ पार्टी छोड़ भाजपा का दामन थाम लिया है, जिससे राज्यसभा में AAP की ताकत घटकर तीन सांसद र ...और पढ़ें

कैसे 22 दिनों में हुआ पूरा खेल।
HighLights
राघव चड्ढा ने 6 अन्य सांसदों संग AAP छोड़ी।
राज्यसभा में AAP की सीटें 10 से 3 हुईं।
22 दिनों में हुआ यह पूरा राजनीतिक घटनाक्रम।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के युवा नेता राघव चड्ढा और पार्टी मुखिया अरविंद केजरीवाल की राहें आज से अलग हो गई हैं। राघव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए यह एलान किया कि वो और उनके साथ पार्टी के 6 अन्य सांसद आप छोड़ भाजपा में शामिल हो रहे हैं।
उनके इस फैसले से आम आदमी पार्टी को तगड़ा झटका लगा है। इसके साथ ही राज्यसभा में 10 सांसदों वाली आम आदमी पार्टी अब मात्र तीन सांसदों वाली पार्टी बनकर रह गई है। आखिर यह पूरा खेल कैसे हुआ पढ़ें इनसाइड स्टोरी...
22 दिनों में हुआ पूरा खेल
यह पूरा किस्सा तब शुरू हुआ 2 अप्रैल को जब आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखा और यह बताया कि राघव चड्ढा को डिप्टी लीडर के पद से हटाकर डॉ. अशोक मित्तल को वह पार्टी का राज्यसभा में डिप्टी लीडर नियुक्त कर रही है।
इसके बाद राघव ने पार्टी के इस फैसले के विरोध में एक वीडियो पोस्ट किया और नाराजगी जाहिर की। उनके इस वीडियो के बाद ही पार्टी के तमाम नेताओं जैसे- संजय सिंह, आतिशी, सौरभ भारद्वाज आदि भी राघव पर हमलावर हुए और बोलना शुरू किया कि राघव ने ये कदम डरकर उठाया है। वो बीजेपी से डर गए इसलिए उन्होंने पार्टी द्वारा उठाए गए मुद्दों को अपनी आवाज न देकर सॉफ्ट पीआर करने में लगे हैं।
खबरें और भी
राघव की सिक्योरिटी हटना और डॉ. अशोक मित्तल पर ईडी के छापे
राघव को डिप्टी लीडर के पद से हटाने के बाद पंजाब सरकार ने चड्ढा को दी गई सिक्योरिटी भी हटा ली। इसके बाद राघव को केंद्र सरकार ने सिक्योरिटी दी।
वहीं इसी के साथ ही डॉ. अशोक मित्तल के जालंधर समेत तमाम ठिकानों पर ईडी की फेमा के तहत छापामारी होने लगी।
कैसे बिगड़ी बात
राघव और केजरीवाल के बीच की दूरियां साल 2024 से ही बढ़ने लगी थीं, जब केजरीवाल की गिरफ्तारी हुई और राघव लंदन में थे। उस वक्त राघव ने केजरीवाल के लिए सोशल मीडिया के जरिए भी कोई पोस्ट नहीं किया और न ही पार्टी के साथ दिखाई दिए।
पार्टी के दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 हारने के बाद से तो जैसे राघव ने पार्टी से एक अनकही दूरी बना ली। वह सदन में जाते आम लोगों के मुद्दे उठाते लेकिन पार्टी में हुई तमाम गिरफ्तारियों, केजरीवाल-सिसोदिया समेत 21 आरोपियों के शराब घोटाला केस में बरी होने के बाद भी उन्होंने एक पोस्ट तक नहीं किया।
2 अप्रैल को पार्टी ने लिया बड़ा फैसला
इन सबके बाद आम आदमी पार्टी ने बड़ा फैसला लेते हुए राघव को इसी 2 अप्रैल को राघव को डिप्टी लीडर के पद से हटा दिया। इसके बाद राघव ने अपने साथ 6 अन्य सांसदों संदीप पाठक, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, राजेंद्र गुप्ता, विक्रमजीत साहनी को अपने साथ लिया और आज पार्टी छोड़ दी।
दो-तिहाई सांसदों को साथ लेकर आज यानी 24 अप्रैल को सुबह ही राघव चड्ढा ने राज्यसभा सचिवालय में पार्टी छोड़ने का पत्र और नया गुट बनाते हुए भाजपा में शामिल होने की सूचना दे दी थी। इसके साथ ही राघव व अन्य आप नेता आज शाम भाजपा में शामिल होग गए।
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