तिहाड़ जेल में जानलेवा हमले का भगोड़ा गिरफ्तार, रोहित चौधरी गैंग का गुर्गा उदयपुर से दबोचा गया
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने तिहाड़ जेल में कैदी पर जानलेवा हमला करने के मामले में फरार चल रहे कुख्यात रोहित चौधरी गिरोह के सदस्य राहुल रावत को उदयपु ...और पढ़ें

दिल्ली पुलिस ने उदयपुर से आरोपी को पकड़ा। फोटो: सांकेतिक
HighLights
राहुल रावत तिहाड़ जेल हमले में फरार था
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उदयपुर से दबोचा
रोहित चौधरी गिरोह का सदस्य, चार मामलों में अपराधी
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। तिहाड़ जेल में कैदी की बेरहमी से हत्या के कोशिश के मामले में फरार चल रहे भगोड़े को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की टीम ने गिरफ्तार किया है।
आरोपित कुख्यात रोहित चौधरी गिरोह का सदस्य है और डकैती और हत्या के प्रयास के चार आपराधिक मामलों में घोषित अपराधी है। इसकी पहचान संगम विहार के राहुल रावत के रूप में हुई है।
उदयपुर से दबोचा गया आरोपित
स्पेशल सेल के उपायुक्त नारा चैतन्य के मुताबिक, 17 जुलाई को हेड कांस्टेबल नवीन शर्मा और सब इंस्पेक्टर विशाल तिवारी को उदयपुर में राहुल रावत के संभावित ठिकाने के बारे में पक्की जानकारी मिली।
एसीपी पूरन चंद्र पंत की देखरेख में और इंस्पेक्टर संदीप यादव और इंस्पेक्टर नीरज कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने उदयपुर की अग्रवाल कालोनी में जाल बिछाते हुए 18 जुलाई को गिरफ्तार कर लिया और आगे की जांच के लिए दिल्ली लाया गया।
तिहाड़ जेल में कैदी पर किया था जानलेवा हमला
वह तिहाड़ जेल में कैदियों के एक समूह के साथ मिलकर, एक कैदी पर नुकीले हथियारों से हमला करने के मामले में वांटेड था। जेल स्टाफ के समय पर दखल देने से उस कैदी की जान बच गई थी।
इस संबंध में हरि नगर पुलिस थाने दिल्ली में 29 मई 2023 को मामला दर्ज किया गया था। इस मामले का पीड़ित भी रणदीप भाटी गिरोह से जुड़ा एक अपराधी था और जेल से रिहा होने के बाद वह हिमांशु उर्फ भाऊ गैंग से जुड़ गया था।
इसी वर्ष फरवरी में, आगरा में यूपी पुलिस की एसटीएफ के साथ मुठभेड़ में उसकी मौत हो गई थी।
चार मामलों में घोषित अपराधी था राहुल रावत
जेल से रिहा होने के बाद, आरोपित राहुल रावत इस मामले में अपनी गिरफ्तारी से बचता रहा। उसने अपना घर छोड़ दिया और लगातार अपने ठिकाने बदलकर भागता रहा।
वह अपने दूसरे मामलों में भी कोर्ट की तारीखों पर पेश नहीं हुआ, जिसके कारण उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू हुई और बाद में उसे इस मामले के साथ-साथ तीन अन्य मामलों में घोषित अपराधी करार दिया गया।
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