Doordarshan पर पहली बार टेलीकास्ट हुआ था ये कल्ट शो, 16 हजार एपिसोड में छिपा था ज्ञान का भंडार
दूरदर्शन टीवी चैनल पर 59 साल पहले एक ऐसा शो टेलीकास्ट हुआ था, जिसने 16 हजार एपिसोड तक दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। ...और पढ़ें

दूरदर्शन का पहला शो (फोटो क्रेडिट- एक्स)
HighLights
59 साल पहले टेलीकास्ट हुआ था ये शो
दूरदर्शन पर पहली बार आया था धारावाहिक
16 हजार एपिसोड से रचा था इतिहास
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। आज के दौर में लोग सिनेमाघर, ओटीटी और यूट्यूब जैसे माध्यमों से मनोरंजन का आनंद लेते हैं। लेकिन एक वक्त ऐसा भी था, जब बात एंटरटेनमेंट की आती थी तो लोगों के लिए दूरदर्शन टीवी चैनल एकमात्र साधन हुआ करता था। महाभारत, रामायण और शक्तिमान जैसे कई कल्ट धारावाहिक दूरदर्शन की पहचान बने थे।
लेकिन क्या आपको मालूम है कि वह कौन सा शो था, जो दूरदर्शन टीवी चैनल पर पहली बार प्रसारित हुआ था। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
दूरदर्शन पर पहली बार आया था ये शो
भारतीय मनोरंजन जगत के इतिहास को खंगाला जाए तो दूरदर्शन के रूप में सबसे पुराने टीवी चैनल का नाम सामने आता है, जिसने दशकों तक लोगों को घर बैठे एंटरटेन किया। इसी आधार पर बात की जाए दूरदर्शन के सबसे पहले और पुराने टीवी सो के बारे में तो उसका नाम कृषि दर्शन था।

जी हां 26 जनवरी 1967 को गणतंत्र दिवस के खास मौके पर दूरदर्शन पर कृषि दर्शन शो को पहली बार प्रसारित किया गया था। इस चैनल की पहली एंकर प्रीतिमा पुरी ने इसका आगाजा किया था। शो के नाम से ही साफ जाहिर होता है कि इसमें भारतीय किसानों को आधुनिक खेती, कृषि-तकनीक और ग्रामीण विकास की अहम जानकारी दी जाती थी।
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उस वक्त शोज की भरमार कम हुआ करती थी, जिसके तहत कृषि दर्शन भी भारतवासियों के लिए मनोरंजन का अहम साधन बन गया था। इतना ही नहीं कृषि प्रधान भारत देश के किसानों के लिए ये शो काफी महत्वपूर्ण साबित हुआ था, क्योंकि इसमें मौजूद एक्सपर्ट द्वारा मिलने वाली सलाहों से किसानों को खेती में काफी सहायता मिलती थी।
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62 सीजन में 16 हजार से अधिक एपिसोड
दूरदर्शन टीवी चैनल के सबसे अधिक लंबे चलने वाले धारावाहिक के तौर पर भी कृषि दर्शन को याद किया जाता है। इस शो के अब तक 62 सीजन टेलीकास्ट हो चुके हैं, जिनमें 16 हजार 780 एपिसोड मौजूद हैं। इन एपिसोड की मदद से किसानों को खेती के बारे में ज्ञान का भंडार देखने को मिला, ताकि उनकी फसलों की उपज अच्छी हो सके।