बल्लभगढ़ जगन्नाथ मंदिर पर संचालन के अधिकार को लेकर विवाद में एक घायल; कल्चर सेंटर बनाम कलिंगा परिषद की जंग
बल्लभगढ़ के श्री जगन्नाथ मंदिर पर नियंत्रण को लेकर श्री जगन्नाथ कल्चरल सेंटर और कलिंगा संस्क्रूतिक परिषद के बीच रविवार सुबह विवाद हो गया। झगड़े में एक ...और पढ़ें

श्री जगन्नाथ कल्चरल सेंटर के अधीन संचालित जगन्नाथ मंदिर पर आधिपत्य को लेकर रविवार सुबह दो पक्षों में झगड़ा हो गया।

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जागरण संवाददाता, बल्लभगढ़। शहर की बड़ी धार्मिक संस्था श्री जगन्नाथ कल्चरल सेंटर के अधीन संचालित जगन्नाथ मंदिर पर आधिपत्य को लेकर रविवार सुबह दो पक्षों में झगड़ा हो गया। झगड़े में एक व्यक्ति के सिर में चोट लगने पर उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों पक्षों ने लिखित शिकायत दी है। डीसीपी सेंट्रल ने दोनों पक्षों के लोगों को सोमवार सुबह दस बजे अपने कार्यालय बुलाया है। मामला सुलटने तक मंदिर के बाहर पुलिस प्रशासन मौजूद रहेगा। ताकि मंदिर में पूजा नियमित रूप से होती रहे।
क्या है मंदिर स्थापना की पूरी कहानी
सेक्टर-15ए स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर की स्थापना 1978 में की गई थी। 1979 में यह जमीन कलिंगा संस्क्रूतिक परिषद के नाम हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने की थी। व्यवस्थित तरीके से मंदिर संचालन के लिए श्री जगन्नाथ कल्चर सेंटर नामक संस्था 1986 में गठित की गई।
संस्था गठन से पहले कलिंगा संस्क्रूतिक परिषद मंदिर का संचालन कर रही थी लेकिन मंदिर को भव्य बनाने के लिए सभी ने सहमति से श्री जगन्नाथ कल्चर सेंटर को रजिस्ट्रार कार्यालय में पंजीकृत कराया। इस संस्था के मौजूदा प्रधान नित्यानंद राउत हैं।
दिसंबर में हुआ था चुनाव
सेक्टर-15ए चौकी प्रभारी शिवकुमार ने बताया कि रविवार सुबह उन्हें सूचना मिली थी कि श्री जगन्नाथ मंदिर पर दो पक्षों में झगड़ा हो गया है। चौकी प्रभारी ने बताया कि श्री जगन्नाथ कल्चर सेंटर की नई कार्यकारिणी के चुनाव दिसंबर 2025 में हुए थे। चुनाव के बाद नया प्रधान नित्यानंद राउत को बनाया गया है जबकि कलिंगा संस्क्रूतिक परिषद के पदाधिकारियों ने तीन महीने पहले कलिंगा संस्क्रूतिक परिषद ट्रस्ट बना लिया है।
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हर किसी की अपनी हैं दलीलें
अब ट्रस्ट के पदाधिकारी कह रहे हैं कि श्री जगन्नाथ कल्चर सेंटर संस्था अवैध है, वो मंदिर संचालित नहीं कर सकती है। दूसरी तरफ श्री जगन्नाथ कल्चर सेंटर के पदाधिकारी कह रहे हैं कि बनाई गई नई ट्रस्ट में केवल चार लोग हैं, जो मंदिर पर कब्जा करना चाहते हैं। मंदिर चार लोगों का नहीं हो सकता है और फिर इस मंदिर का भव्य निर्माण श्री जगन्नाथ कल्चर सेंटर द्वारा हजारों लोगों द्वारा दी गई दानराशि से हुआ है।
सोमवार सुबह होगी आरोपों की सुनवाई
श्री जगन्नाथ कल्चर सेंटर के प्रधान नित्यानंद राउत ने बताया कि रजिस्ट्रार कार्यालय और कोर्ट ने उन्हें मंदिर संचालन की इजाजत दी है। इसीलिए वे मंदिर का संचालन करेंगे लेकिन रविवार सुबह परिषद के लोगों ने आकर झगड़ा कर लिया। एक व्यक्ति लक्ष्मण नाथ के सिर में चोट आई है।
उधर, कलिंगा संस्क्रूतिक परिषद के प्रधान डाॅ. पीकेएमके दास ने कहा कि जगन्नाथ मंदिर पूरी की तरफ से यह ट्रस्ट बनाने की अनुमति दी गई और इसी संस्था के नाम मंदिर की जमीन है। इसीलिए मंदिर संचालन की जिम्मेदारी ट्रस्ट की बनती है।
वे पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में रजिस्ट्रार कार्यालय के आदेश को चुनौति देंगे। सेक्टर-15ए पुलिस चौकी प्रभारी शिवकुमार ने बताया कि दोनों पक्षों को सोमवार सुबह डीसीपी सेंट्रल सुनेंगे।
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