मोहना एलिवेटेड मार्ग के निर्माण में गड़बड़ी, घटिया सामग्री और बिना मंजूरी बदला डिजाइन; PWD पर उठे सवाल
फरीदाबाद में मोहना एलिवेटेड मार्ग के निर्माण में अनियमितताओं, घटिया सामग्री और बिना मंजूरी डिजाइन बदलने का आरोप लगा है, जिसकी जांच की मांग की गई है। ...और पढ़ें

राष्ट्रीय राजमार्ग और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाला निर्माणाधीन मोहना एलिवेटेड मार्ग। जागरण
HighLights
मोहना एलिवेटेड मार्ग निर्माण में अनियमितताओं का आरोप।
घटिया सामग्री, बिना मंजूरी डिजाइन बदलने की शिकायत।
पीडब्ल्यूडी अधिकारियों की तकनीकी योग्यता पर सवाल उठे।
जागरण संवाददाता, फरीदाबाद। दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाले मोहना एलिवेटेड मार्ग के निर्माण को लेकर अनियमितता बरतने का आरोप है। इसे लेकर पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता को शिकायत देकर मामले की जांच करवाने की मांग की गई है।
निर्माण की मजबूती और गुणवत्ता
शिकायतकर्ता नईम अहमद खान ने अपनी शिकायत में आरोप लगाते हुए कहा कि परियोजना में बिना किसी सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के सरिया प्रयोग किया जा रहा है। इसके साथ ही निर्माण सामग्री भी निम्न गुणवत्ता वाली है। इसके साथ ही गैर स्वीकृत केमिकल एडमिक्सचर का प्रयोग किया जा रहा है। जिससे निर्माण की मजबूती और गुणवत्ता दोनों प्रभावित हो सकती है।
स्पैन व्यवस्था में बदलाव किया
इसके साथ ही फ्लाईओवर की ड्राइंग और डिजाइन की मंजूरी लिए बिना ही निर्माण कार्य किया जा रहा है। शिकायतकर्ता के अनुसार स्वीकृत डीपीआर के विपरीत स्पैन व्यवस्था में बदलाव किया गया। इसके साथ ही परियोजना के दायरे में भी बिना अनुमति परिवर्तन किए गए। इससे सरकार को वित्तीय नुकसान हो सकता है।
अधिकारियों की तकनीकी योग्यता पर भी सवाल
शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में पीडब्ल्यूडी अधिकारियों की तकनीकी योग्यता पर भी सवाल उठाए है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रोजेक्ट में संबंधित एजेंसी और अधिकारियों ने कई गड़बड़ी की है। जिसकी स्वतंत्र रूप से जांच कराई जानी चाहिए।
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जून 2024 में पीडब्ल्यूडी ने शुरू किया था काम
मोहना एलिवेटेड मार्ग का निर्माण कार्य जून-2024 में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी सड़क एवं भवन) ने शुरू किया था। यह 225 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा है। यहां पर 90 पिलर बनाए जाने हैं। इनमें अभी 300 मीटर की दूरी में पिलर बनाने का काम भी अधूरा पड़ा हुआ है। इसके बनने से बल्लभगढ़ से निकलकर पैरिफेरल रोड पर जाने वाले लोगों के लिए जाम की किल्लत खत्म हो जाएगी।
"प्रोजेक्ट को लेकर कंसलटेंट एजेंसी को हायर किया गया है। पूरा काम नियमों के तहत किया जा रहा है। अधीक्षण अभियंता को जो शिकायत सौंपी गई है। उसकी जांच को लेकर कोई जानकारी नहीं है। शिकायत मिलने के बाद जरूरी जांच कराई जाएगी।"
-रवि इंद्र सिंह, उपमंडल अधिकारी, लोक निर्माण विभाग।
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