गुरुग्राम में 'जलप्रलय', 9 स्कूली बसों में 2 घंटे तक फंसे रहे 300 से अधिक बच्चे; घबराए पैरेंट्स लेने पहुंचे
गुरुग्राम में तेज वर्षा के बाद जलभराव से स्कूली बच्चों को भारी परेशानी हुई। सुभाष चौक पर 9 स्कूल बसें ...और पढ़ें

गुरुग्राम में पानी में नौ स्कूली बसें फंस गई, दो घंटे तक पानी में फंसे रहे बच्चे। फोटो: जागरण
HighLights
गुरुग्राम में तेज वर्षा के बाद हुआ भारी जलभराव
सुभाष चौक पर छह स्कूल बसें पानी में फंसीं
अभिभावकों ने मौके पर पहुंचकर बच्चों को सुरक्षित निकाला
जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। हरियाणा को सबसे ज्यादा राजस्व देने वाला गुरुग्राम सिस्टम की अनदेखी के कारण अपनी बेबसी पर आंसू बहा रहा है। बदहाल ड्रेनेज व्यवस्था के बीच सोमवार को हुई मूसलधार वर्षा से यहां फिर 'जलप्रलय' जैसा नजारा दिखा।
एक तरह से बादल फटने जैसी बारिश के चलते महज 35 मिनट में करीब 70 एमएम वर्षा हुई। इससे सुभाष चौक समेत कई प्रमुख सड़कें और अंडरपास जलमग्न हो गए।
इन सबके बीच नौ स्कूली बसों समेत करीब 15 वाहन पानी में बंद हो गए और स्कूली बसों में 300 से अधिक बच्चे करीब दो घंटे तक बसों में ही कैद रहे। आखिरकार, बच्चों को निकालने के लिए अभिभावकों को खुद मौके पर पहुंचना पड़ा। वहीं, 50 से ज्यादा स्थानों पर लोग ट्रैफिक जाम से घंटों तक जूझते रहे।

दो घंटे तक बसों में फंसे रहे 300 से अधिक बच्चे
सुभाष चौक पर शाम छह बजे तक वर्षा का पानी कम नहीं हुआ और जलभराव के बीच बंद हुए स्कूली बसों व अन्य वाहनों को हटाया नहीं जा सका। इससे यातायात का दबाव लगातार बढ़ता चला गया। दिल्ली-जयपुर हाईवे समेत शहर की प्रमुख सड़कों पर भी वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
गोल्फ कोर्स रोड पर जहां 100-100 करोड़ कीमत के फ्लैट हैं, उस इलाके में भी जलभराव था। इसी रोड के किनारे विकसित हो रही एक सोसायटी में इसी माह करीब 300 करोड़ की कीमत का एक पेंट हाउस बिका है। सुभाष चौक के अलावा महावीर चौक, मेदांता रोड अंडरपास और राजीव चौक एनएमटी अंडरपास में भी पानी भर गया।

सिग्नेचर टावर, इफको चौक और गोल्फ कोर्स रोड पर जलभराव के कारण यातायात प्रभावित रहा। देर रात तक यातायात व्यवस्था पटरी पर नहीं लौट सकी थी।
सिस्टम की नाकामी की यह बानगी तब है, जब राज्य के कुल आबकारी राजस्व में लगभग 27% और जीएसटी राजस्व में 25 से 40 प्रतिशत तक गुरुग्राम योगदान देता है। इसके अलावा कुल सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में करीब 60 प्रतिशत का योगदान है।
बच्चों को लेने पहुंचे अभिभावक
बसों के पानी में फंसने की जानकारी मिलने के बाद अभिभावक चिंता में मौके पर पहुंचे। कई अभिभावकों ने फोन पर बच्चों की स्थिति की जानकारी ली।
मुश्किल से बच्चों को बसों से निकालकर सुरक्षित घर ले जाने की कोशिश की गई। इस दौरान अभिभावकों को भी जलभराव और जाम के बीच परेशानी का सामना करना पड़ा।

कई प्रमुख मार्गों पर जलभराव
तेज वर्षा के बाद सुभाष चौक के अलावा कन्हाई चौक, सेक्टर-46, सेक्टर-47, सिग्नेचर टावर चौक, शीतला माता रोड और होंडा चौक समेत कई प्रमुख मार्गों पर पानी भर गया। इससे वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई और कई स्थानों पर जाम की स्थिति बन गई। मौके पर प्रशासन की टीम भी पहुंची।

जल्दी छुट्टी के बाद भी घर पहुंचने में हुई देरी
वर्षा को देखते हुए बच्चों को समय से पहले स्कूल से छुट्टी देने का फैसला उनकी सुरक्षा और सुविधा के लिए किया गया था, लेकिन जलभराव ने बच्चों के घर पहुंचने में ही देरी कर दी। कई अभिभावक बच्चों को लेने स्कूल तक पहुंच गए, लेकिन वापसी में उन्हें भी घंटों जाम का सामना करना पड़ा।

अभिभावकों ने व्यवस्था पर उठाए सवाल
पालम विहार निवासी सुमंत यादव, न्यू काॅलोनी निवासी विशाल भारद्वाज, मोहिनी, पवन बंसल समेत अन्य अभिभावकों का कहना था कि वर्षा होते ही बच्चों को जल्दी छुट्टी देने की व्यवस्था तो बन जाती है, लेकिन शहर की सड़कें हर बार इस व्यवस्था को चुनौती दे देती हैं।
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