जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। जमशेदपुर के बिष्टुपुर थाना क्षेत्र में हुए डीडी बार हत्याकांड (DD Bar Murder Case) की जांच में पुलिस लगातार नए खुलासे कर रही है और आरोपियों को जेल भेज रही है, लेकिन मामले का सबसे अहम पहलू अब भी रहस्य के घेरे में है।
बार के बाहर हुई खूनी वारदात की पूरी तस्वीर सीसीटीवी कैमरों में साफ कैद हो चुकी है। यह भी पूरी तरह स्पष्ट है कि पुलिस की मौजूदगी में ही किस तरह हिंसक झड़प हुई।
इसके बावजूद, वारदात की असली जड़ यानी बार के अंदर डांस फ्लोर पर आखिर क्या हुआ था, इस पर पुलिस प्रशासन अब तक खुलकर कुछ भी कहने से कतरा रहा है। इसी सस्पेंस की वजह से शहर में तरह-तरह की चर्चाएं और
सवाल तैर रहे हैं।
छेड़खानी, भोजपुरी गाना या पुरानी रंजिश? उलझी मर्डर मिस्ट्री
शुरुआती जांच में इस हिंसक घटना की मुख्य वजह छेड़खानी बताई गई थी, लेकिन पुलिस ने यह कभी साफ नहीं किया कि छेड़खानी किसके साथ हुई और किस पक्ष पर इसका आरोप है।
इसके बाद मामला आपसी रंजिश की ओर घूमा, जबकि हालिया अनुसंधान में एक नया एंगल भोजपुरी गीत का आया है। आरोप है कि मुख्य आरोपी राहुल दुबे डांस फ्लोर पर बार-बार भोजपुरी गाना बजाने का दबाव बना रहा था।
इसी विवाद के दौरान उसने बार संचालक व भाजपा नेता नीरज सिंह को मोबाइल पर कॉल भी किया था। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच कुछ सेकेंड की संक्षिप्त बातचीत हुई, जिसके बाद फोन काट दिया गया था।
देखते ही देखते पुलिस के सामने खूनी संघर्ष में तब्दील हुई कहासुनी
पुलिस अनुसंधान के मुताबिक, बार के भीतर शुरू हुआ यह विवाद बाहर निकलते समय बेहद उग्र हो गया। गेट पर विश्वनाथ बोदरा के सहयोगी सोनू राम सरदार उर्फ सोनू मंडल और मृतक हिमांशु सिंह के साथियों के बीच तीखी कहासुनी शुरू हो गई।
देखते ही देखते यह हिंसक झड़प में बदल गई और हिमांशु के पक्ष के लोगों ने सोनू राम सरदार पर जानलेवा हमला कर दिया, जिससे उसके सिर पर गंभीर चोट आई।
अपने साथी को लहुलुहान देख राहुल दुबे ने विश्वनाथ बोदरा और अन्य साथियों को फोन कर हथियारों के साथ मौके पर बुलाया। आरोप है कि इसके बाद पहुंचे हथियारबंद हमलावरों ने हिमांशु सिंह, प्रत्युष आनंद और उनके साथियों पर चापड़ व अन्य धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ हमला बोल दिया।
सबसे चौंकाने वाला आरोप यह है कि यह पूरी बर्बरता मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के सामने हुई। आरोप है कि गंभीर रूप से घायल हो चुके हिमांशु सिंह को जब पुलिस वाहन (वैन) में बैठाया गया, तो हमलावरों ने उसे पुलिस गाड़ी से नीचे उतारकर दोबारा बेरहमी से पीटा।
बाद में इलाज के दौरान हिमांशु की मौत हो गई, जबकि घायल सोनू राम को एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया।
क्या बार बालाओं के डांस की अनुमति थी?
इस हत्याकांड के बाद अब जांच की आंच डीडी बार के संचालन और उसके कानूनी नियमों तक पहुंच गई है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, बार के डांस फ्लोर पर प्रतिदिन बाहरी डांसर गर्ल्स (बार बालाएं) प्रस्तुति देती थीं, जहां शराब के नशे में धुत ग्राहक जमकर थिरकते थे और नोट उड़ाए जाते थे।
अब प्रशासन पर यह बड़ा सवाल उठ रहा है कि क्या बार प्रबंधन के पास इस तरह की डांसर बुलाकर कमर्शियल डांस शो आयोजित करने की विधिवत अनुमति आबकारी विभाग या जिला प्रशासन से प्राप्त थी? या फिर नियमों को ताक पर रखकर यह धंधा फल-फूल रहा था?
16 मई की पुरानी मारपीट से जुड़ रहे हैं कत्ल के तार
इस बिंदु पर फिलहाल आबकारी विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। पुलिस की तफ्तीश में एक और महत्वपूर्ण अतीत खंगाला जा रहा है।
डीडी बार कांड से ठीक पहले, बीती 16 मई को बिष्टुपुर के ही कांट्रैक्टर एरिया स्थित एक अन्य बार में आदित्यपुर के कुछ युवकों ने जमकर मारपीट की थी।
उस वक्त बिष्टुपुर थाने में एफआईआर (प्राथमिकी) तो दर्ज हुई थी, लेकिन पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। अब यह बात सामने आ रही है कि 16 मई की उस मारपीट में भी मृतक हिमांशु सिंह के कुछ करीबी दोस्त सीधे तौर पर शामिल थे।
पुलिस अब इन दोनों घटनाओं के आपसी कनेक्शन और पुरानी रंजिश की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।