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    मलेरिया अपडेट: अब तक 93275 लोगों की जांच, 14 दिनों में मिले 1826 संक्रमित, पोटका-डुमरिया बने मलेरिया के हॉट स्पॉट

    Updated: Sat, 11 Jul 2026 09:25 PM (IST)

    पूर्वी सिंहभूम जिले में मलेरिया और ब्रेन मलेरिया के बढ़ते मामलों से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है। पिछले 14 दिनों में 1826 नए संक्रमित मिले हैं। ...और पढ़ें

    पोटका में मलेरिया की जांच करने पहुंची स्‍वास्‍थ्‍य विभाग की टीम।

    पोटका में मलेरिया की जांच करने पहुंची स्‍वास्‍थ्‍य विभाग की टीम।

    जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिले में मलेरिया और ब्रेन मलेरिया (फाल्सीपेरम) के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है। संक्रमण की रोकथाम के लिए जिले भर में अभियान लगातार चलाया जा रहा है। 
     
    शनिवार को जिले के विभिन्न प्रखंडों में कुल 15,505 लोगों की मलेरिया जांच की गई, जिसमें से 110 नए मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। 
     
    इस नए आंकड़े के साथ ही पिछले 14 दिनों के भीतर जिले में कुल 1,826 मलेरिया के मामले सामने आ चुके हैं, जो स्थिति की गंभीरता को बयां कर रहे हैं।
     

    ब्रेन मलेरिया के मरीजों की संख्या डराने वाली

    स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, जिले में अब तक कुल 93,275 लोगों की जांच की जा चुकी है। इनमें से कुल संक्रमितों में 1,441 मरीज अकेले ब्रेन मलेरिया (फाल्सीपेरम) की चपेट में हैं, जबकि 338 मरीज सामान्य मलेरिया (विवैक्स) से पीड़ित पाए गए हैं। शेष मरीज अन्य श्रेणियों में शामिल हैं।

    प्रखंडवार स्थिति पर नजर डालें तो सबसे गंभीर हालात पोटका प्रखंड के हैं, जहां अब तक सबसे अधिक 634 मरीज मिल चुके हैं। इसके अलावा डुमरिया में 421, मुसाबनी में 332, घाटशिला में 199 और पटमदा में 100 मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। 
     
    सभी संक्रमितों का इलाज महात्मा गांधी मेमोरियल (MGM) मेडिकल कॉलेज अस्पताल, परसुडीह सदर अस्पताल तथा जिले के विभिन्न प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में चल रहा है।
     

    पटमदा स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी को शोकॉज

    तेजी से फैल रहे इस संक्रमण के बीच सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। उन्होंने मलेरिया नियंत्रण अभियान में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ सीधी कार्रवाई शुरू कर दी है। 
     
    लगातार संक्रमित मिलने के बावजूद पटमदा क्षेत्र में जांच का दायरा बढ़ाने के बजाय उसे घटा दिया गया। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पटमदा के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. आरके सिंह को शोकॉज जारी किया गया है। 
     
    सिविल सर्जन ने उन्हें 24 घंटे के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया है, अन्यथा विभागीय स्तर पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी।
     

    पोटका में दो ANM और MTS पर गिरी गाज

    निरीक्षण के दौरान पोटका प्रखंड में भी भारी अव्यवस्था देखने को मिली। यहां कार्यरत एएनएम (ANM) ज्योति कुमारी और अंजेला मिंज अपनी ड्यूटी से अनुपस्थित पाई गईं। 
     
    दोनों को कार्य में लापरवाही का दोषी मानते हुए 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसके साथ ही मलेरिया टेक्निकल सुपरवाइजर (MTS) सुनील तिर्की को भी शोकॉज जारी किया गया है।
     
    सबसे बड़ी कार्रवाई कड़ियाशाही गांव में तैनात सहिया लक्ष्मी सरदार पर हुई है। जांच में पाया गया कि वह मलेरिया रोकथाम और जागरूकता अभियान को छोड़कर किसी अन्य व्यक्तिगत कार्य में लगी हुई थीं। 
     
    सिविल सर्जन ने इसे लापरवाही मानते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से कार्य से हटाने (सेवामुक्त करने) का आदेश जारी कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग ने साफ कर दिया है कि इस संकट काल में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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