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    सांसद मर्डर केस का बड़ा राजदार गिरफ्तार: रंजीत के साथ बाघुडिया मैदान में मौजूद था मदन, नक्सलियों को सुरक्षित निकालने की थी जिम्मेदारी

    Updated: Fri, 07 Aug 2026 07:00 AM (GMT+05:30)

    सरायकेला-खरसावां से गिरफ्तार 15 लाख के इनामी माओवादी मदन महतो ने झामुमो सांसद सुनील महतो हत्याकांड के कई चौंकाने वाले राज खोले हैं। ...और पढ़ें

    सांसद सुनील महतो का फाइल फोटो।

    सांसद सुनील महतो का फाइल फोटो।

    HighLights

    1. गिरफ्तार माओवादी मदन महतो ने किए बड़े खुलासे।

    2. सांसद सुनील महतो हत्याकांड में थी सक्रिय भूमिका।

    3. नक्सलियों को घटनास्थल से सुरक्षित निकालने की जिम्मेदारी।

    जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। सरायकेला-खरसावां जिले से हाल ही में गिरफ्तार किए गए 15 लाख रुपये के इनामी माओवादी मदन महतो ने पूछताछ में झामुमो (JMM) के तत्कालीन सांसद सुनील महतो हत्याकांड को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। 
     
    चार मार्च 2007 को घाटशिला के बाघुडिया फुटबॉल मैदान में हुई सांसद सुनील महतो की हत्या के दौरान मदन महतो माओवादी दस्ते के मुख्य नेतृत्वकर्ता राहुल उर्फ रंजीत पाल के साथ मौके पर मौजूद था और पूरी साजिश का सक्रिय हिस्सा था। 
     

    माओवादियों को मैदान तक पहुंचाने की थी जिम्मेदारी 

    मूल रूप से पश्चिम बंगाल के सालबनी का रहने वाला मदन लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की रडार पर था। पूछताछ में सामने आया कि सांसद हत्याकांड में मदन महतो की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण थी। 
     
    उसने कुख्यात माओवादी नेता असीम मंडल उर्फ आकाश, राहुल उर्फ रंजीत पाल, बेला, शकुंतला, रामप्रसाद मार्डी उर्फ सचिन समेत अन्य नक्सलियों को बाघुडिया फुटबॉल मैदान तक पहुंचाने और वारदात को अंजाम देने के बाद उन्हें सुरक्षित रास्ते से निकालकर सीमा पार कराने की मुख्य जिम्मेदारी निभाई थी।
     
    उल्लेखनीय है कि 4 मार्च 2007 को एक कार्यक्रम के दौरान नक्सलियों ने सांसद सुनील महतो समेत चार लोगों की अंधाधुंध गोलीबारी कर हत्या कर दी थी और सुरक्षा बलों के हथियार लूटकर फरार हो गए थे। 
     
    इस बहुचर्चित हत्याकांड को 19 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन इसके पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश होना अभी बाकी है। पुलिस पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि पश्चिम सिंहभूम के सारंडा जंगल में जब शीर्ष माओवादी नेता मिसिर बेसरा और असीम मंडल अपने दस्ते के साथ सक्रिय थे, तब मदन महतो लंबे समय तक उनके साथ रहा। 
     
    बाद में पुलिसी दबाव बढ़ने पर दस्ता पूर्वी सिंहभूम के दलमा क्षेत्र होते हुए पश्चिम बंगाल सीमा की ओर खिसक गया था। 1 करोड़ रुपये के इनामी मिसिर बेसरा को बाद में धनबाद से गिरफ्तार कर लिया गया था।
     

    जांच एजेंसियों के लिए अहम कड़ी साबित होगी गिरफ्तारी 

    मामले की जांच में यह भी सामने आया कि राहुल उर्फ रंजीत पाल और उसकी पत्नी ने 25 जनवरी 2017 को पश्चिम बंगाल पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया था, जबकि इस हत्याकांड की अन्य आरोपित माओवादी शकुंतला ने भी कोलकाता में आत्मसमर्पण किया है।

    सांसद सुनील महतो हत्याकांड में असीम मंडल, रामप्रसाद मार्डी, उसकी पत्नी, जयंती, झरना, राहुल, विकास और बेला समेत कई माओवादियों के नाम पहले से दर्ज हैं। 
     
    ऐसे में मदन महतो की गिरफ्तारी और उसकी निशानदेही को सीबीआई और स्थानीय पुलिस के लिए इस ठंडे बस्ते में पड़े मामले को सुलझाने की एक बेहद मजबूत कड़ी माना जा रहा है।

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