इस्तीफे के बाद छलका एन. चंद्रशेखरन का दर्द: जानिए 24 फरवरी की उस बैठक में ऐसा क्या हुआ कि टालना पड़ा फैसला
एन. चंद्रशेखरन के इस्तीफे के बाद टाटा ट्रस्ट्स ने उनके निर्णय का सम्मान किया। चंद्रशेखरन ने बताया कि 24 फरवरी ...और पढ़ें

सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट ने बयान जारी कर चंद्रशेखरन के निर्णय का सम्मान किया।
HighLights
टाटा ट्रस्ट्स ने चंद्रशेखरन के इस्तीफे का सम्मान किया।
एक सदस्य की असहमति से कार्यकाल विस्तार टला।
नए उत्तराधिकारी के लिए चयन समिति बनेगी जल्द।
एसडीटीटी ने सराहा चंद्रशेखरन का नेतृत्व
क्यों टला था कार्यकाल विस्तार?
चंद्रशेखरन ने नॉमिनी निदेशकों को भेजे ईमेल में बताया कि सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट (SDTT) और सर रतन टाटा ट्रस्ट (SRTT) दोनों ने ही उनके 5 साल के कार्यकाल विस्तार का सर्वसम्मति से समर्थन किया था। बोर्ड की समिति ने भी इसकी सिफारिश की थी।
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चंद्रशेखरन का बयान दर्शाता है कि उन्होंने व्यक्तिगत विवाद के बजाय संस्थान और समूह के व्यापक हित को प्राथमिकता दी है।
प्रभात शर्मा, पूर्व अधिकारी, टाटा स्टील
13.3 लाख करोड़ रुपये के वार्षिक राजस्व वाले विशाल समूह के लिए अनिश्चितता ठीक नहीं थी। 18 अगस्त को होने वाली एजीएम (AGM) से पहले चयन समिति का गठन एक परिपक्व कदम है।
विकास रंजन, कॉरपोरेट विशेषज्ञ
