Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    पोटका में मलेरिया का प्रकोप जारी, 507 की जांच में मिले 51 नए मरीज; मैदान में उतरीं स्वास्थ्य विभाग की 12 टीमें

    Updated: Tue, 30 Jun 2026 10:37 PM (GMT+05:30)

    पूर्वी सिंहभूम के पोटका प्रखंड में मलेरिया का प्रकोप जारी है, जहां 507 रक्त नमूनों की जांच में 51 नए मरीज मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल दवाएं उप ...और पढ़ें

    पोटका में मरीजों की जांच करती स्‍वास्‍थ्‍य विभाग की टीम।

    पोटका में मरीजों की जांच करती स्‍वास्‍थ्‍य विभाग की टीम।

    HighLights

    1. पोटका में 507 जांच में 51 नए मलेरिया मरीज मिले।

    2. अधिकारियों ने प्रभावित गांवों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया।

    संवाद सूत्र, पोटका। पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड क्षेत्र में मलेरिया का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग द्वारा विभिन्न गांवों में चलाए गए विशेष जांच अभियान के दौरान 507 लोगों के रक्त के नमूने लिए गए। 
     
    इनमें से 51 लोग मलेरिया से संक्रमित पाए गए हैं। सभी नए संक्रमित मरीजों को तत्काल मौके पर ही दवाएं उपलब्ध करा दी गई हैं। 
     

    इन गांवों में लगाया गया विशेष शिविर  

    स्वास्थ्य विभाग की ओर से सबरनगर, कांदर, जोजोगोड़ा, गाम्हीरकोचा, छोटा रामगढ़, कुंदरुकोचा, झरिया और टांगराईन सहित अन्य सुदूरवर्ती गांवों में शिविर लगाकर सघन जांच अभियान चलाया गया। 
     
    मलेरिया के बढ़ते मामलों को देखते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र CHC पोटका में दो नए गंभीर मरीजों जोबा हांसदा एवं विकास मार्डी को भर्ती कर इलाज शुरू किया गया है। अस्पताल में पहले से ही पांच मरीजों का उपचार चल रहा है।
     

    अधिकारियों ने लिया जायजा, प्रभावित क्षेत्रों में बढ़ा दी गई टीमें  

    स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अधिकांश नए मरीज उन्हीं क्षेत्रों से सामने आ रहे हैं, जिन्हें पूर्व में मलेरिया प्रभावित (हॉटस्पॉट) के रूप में चिन्हित किया गया था। 
     
    मंगलवार को अंचलाधिकारी (CO) निकिता बाला एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) अरुण कुमार मुंडा ने स्वयं कई प्रभावित गांवों का दौरा किया। अधिकारियों ने हालात का जायजा लेते हुए स्वास्थ्य कर्मियों को क्षेत्र में मुस्तैद रहने के आवश्यक निर्देश दिए। 
     
    संक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से जिला स्वास्थ्य विभाग ने जांच कार्य के लिए 12 विशेष टीमों की प्रतिनियुक्ति की है। ये टीमें प्रभावित गांवों में घर-घर जाकर लोगों की स्क्रीनिंग कर रही हैं। 
     
    चिकित्सा टीम ने ग्रामीणों से अपील की है कि बुखार आने पर उसे साधारण मानकर नजरअंदाज न करें, तुरंत जांच कराएं और मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करें।

    यह भी पढ़ें- पोटका में ब्रेन मलेरिया से 4 दिनों में गरीब पिता ने खोईं दो मासूम बेटियां, तीसरी भी लड़ रही जिंदगी की जंग

    यह भी पढ़ें- जमशेदपुर में ब्रेन मलेरिया से बच्चे की मौत के बाद जल जीवन मिशन पर सवाल, दूषित पानी पीने को मजबूर लोग

    यह भी पढ़ें- हर बूंद हो स्वच्छ, हर घूंट हो स्वस्थ: वार्ड 34 में जलापूर्ति पाइपलाइन में 200 से अधिक लीकेज, दूषित पानी पीने को मजबूर लोग