झारखंड में लागू होगी शोध एवं नवाचार पाॅलिसी: स्टार्टअप्स को 5 लाख की सीड फंडिंग और संस्थानों को मिलेंगे 50 करोड़
झारखंड छात्र शोध एवं नवाचार पाॅलिसी-2026 का ड्राफ्ट तैयार है, जिसे 29 अप्रैल को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होनेवाली बैठक में मंजूरी मिल सकती है। यह ...और पढ़ें

झारखंड में जल्द लागू होगी छात्र शोध एवं नवाचार पाॅलिसी, स्टार्ट-अप को मिलेगा लाभ।
HighLights
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में पालिसी को मिलेगी मंजूरी।
रांची में बनेंगे स्टेट इनोवेशन व टेक्नोलाजी पार्क।
स्टार्ट-अप को पांच लाख रुपये तक की सीड फंडिंग।
नीरज अम्बष्ठ, रांची। राज्य के उच्च एवं तकनीकी संस्थानों में शोध तथा नवाचार (इनोवेशन) को बढ़ावा देने के लिए ''झारखंड छात्र शोध एवं नवाचार पाॅलिसी-2026'' शीघ्र लागू होगी। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने इस पाॅलिसी का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है।
इसपर 29 अप्रैल को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में होनेवाली झारखंड काउंसिल ऑन साइंस, टेक्नोलाजी एंड इनोवेशन (जेसीएसटीआई) की शासी निकाय की बैठक में चर्चा के बाद सहमति मिल सकती है।
प्रस्तावित पाॅलिसी में उद्योग, शिक्षा जगत एवं सरकारी संगठनों को जोड़कर अनुसंधान, नवाचार एवं उद्यमिता का इको सिस्टम सृदृढ़ करने पर जोर दिया गया है। पालिसी के प्रविधानों के अनुसार, उच्च एवं तकनीकी शिक्षण संस्थानों में उत्पन्न विचारों के प्रारंभिक चरण की परिकल्पना, प्रोटोटाइप विकास एवं व्यवसायीकरण को समर्थन प्रदान किया जाएगा।
राजधानी रांची में स्टेट इनोवेशन पार्क, स्टेट रिसर्च पार्क, स्टेट टेक्नोलाॅजी पार्क तथा पेटेंट सूचना एवं सुविधा केंद्र की स्थापना का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस नई पालिसी के तहत जहां स्टार्ट अप के लिए पांच लाख रुपये तक की सीड फंडिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
वहीं उच्च शिक्षण संस्थानों में 10 टेक्नोलाॅजी बिजनेस इन्क्यूबेटर की स्थापना के लिए 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था की जाएगी। अनुसंधान परियोजनाओं तथा शैक्षणिक आयोजनों के लिए भी राशि की व्यवस्था की जाएगी।
इनोवेशन समिट तथा साइंस कांक्लेव का होगा आयोजन
इनोवशन की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए राज्य स्तर पर इनोवेशन समिट तथा साइंस कांक्लेव का आयोजन किया जाएगा। साथ ही ग्रासरूट इनोवेशन इंटर्नशिप स्कीम शुरू की जाएगी।
ये सुविधाएं भी होंगी बहाल
- जे-वर्क्स (J-Works) के रूप में आइडिया को प्राेडक्ट में बदलने के लिए स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी की सुविधा बहाल की जाएगी।
- जे-हब (J-Hub): के रूप में स्टार्ट अप को प्रोत्साहन और सुविधा प्रदान की जाएगी।
पालिसी में ये भी
- 300 उच्च शिक्षण संस्थानों में आउटरीच गतिविधियां आयोजित की जाएंगी तथा संस्थानों में छात्र अनुसंधान एवं नवाचार सेल का गठन किया जाएगा।
- 1,000 नवाचारों को आर्थिक सहयाेग प्रदान किया जाएगा।
- 50 उद्योग प्रायोजित अनुसंधान एवं विकास इकाइयां स्थापित की जाएंगी।
- 100 समुदाय आधारित नवाचारों को आर्थिक प्रोत्साहन दिया जाएगा।
- 30 हजार छात्रों को उभरती तकनीक जैसे, एआइ, आइटी आदि का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
- 50 संस्थानों में बौद्धिक संपदा सेल गठित किए जाएंगे।
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