क्या बाल कटवाने से तेज हो जाती है हेयर ग्रोथ? ट्रिमिंग से जुड़ा ये सच आपको कर देगा हैरान
बालों की रेगुलर ट्रिमिंग कराने वालों का मानना है कि इससे ग्रोथ अच्छी होती है और वो मेंटेन रहते हैं, लेकिन क्या ये वाकई सच है? ...और पढ़ें

क्या बाल कटवाने से सच में बढ़ती है ग्रोथ? (Picture Credit- AI Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। सामान्यतौर पर ग्रोथ फेज में बाल एक महीने में एक सेमी तक बढ़ते हैं और नए बाल आने तक यह ग्रोथ कुछ सालों तक बनी रहती है। और यही सिलसिला चलता रहता है। बालों के गिरने और उगने की यह साइकिल काफी हद तक आपके जेनेटिक्स पर निर्भर करती है। ऐसे में बालों की ट्रिमिंग को इसके ग्रोथ से जोड़ना कितना सही है आइए जानते हैं।
ट्रिमिंग से दिखते हैं मैनेजेबल
हीट स्टाइलिंग, मौसम, खानपान, हॉर्मोनल समस्याओं की वजह से अगर बाल डैमेज हो जाते हैं तो उसी रूप में उनकी लेंथ बढ़ती चली जाती है। ऐसे बालों की जब ट्रिमिंग की जाती है तो वो पहले से ज्यादा बेहतर नजर आते हैं और यह भ्रम पैदा करते हैं कि कटवाने से बाल हेल्दी और घने हो गए हैं।
तो क्या ना कटवाएं बाल
एक्सपर्ट का मानना है कि भले ही ट्रिमिंग का बालों की ग्रोथ से सीधा संबंध ना हो लेकिन डैमेज से है। हर आठ से 12 हफ्तों में बाल कटवाने से धीरे-धीरे डैमेज कम हो जाता है और वह बालों के आखिरी छोर तक नहीं पहुंचता। वहीं आप अपने बालों का टेक्सचर बदलना चाहते हैं तो 12 से 16 हफ्ते में बालों को ट्रिम करवाते रहें।
हेयर ग्रोथ कम होने की ये हो सकती है वजहें
वैसे बालों की ग्रोथ हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकती है। लेकिन इन वजहों से बालों के बढ़ने की स्पीड प्रभावित हो सकती है:
- जेनेटिक्स
- पोषण की कमी
- थायरॉइड की समस्या या हॉर्मोन्स का असंतुलन
- बी12, विटामिन डी और जिंक जैसे विटामिन्स और मिनरल्स का कम होना
बालों की ग्रोथ के ये होते हैं स्टेज
- एनाजेन: यह बालों का ग्रोथ फेज होता है, जिसमें बाल बढ़ते हैं
- कैटाजेन: इसमें बालों की ग्रोथ थोड़ी धीमी हो जाती है
- टेलोजेन: इसमें बाल कुछ महीनों तक बढ़ते ही नहीं
- एक्सोजेन: यह नए बालों के उगने का फेज है, जिसमें नए बाल नैचुरली झड़ चुके बालों की जगह ले लेते हैं
क्यों कुछ हेयर ड्रेसर जरूरत से ज्यादा काट देते हैं बाल
यह शिकायत ज्यादातर लोगों की होती है कि उनकी बताई लेंथ से कहीं ज्यादा बाल हेयरड्रेसर काट देते हैं। कई बार यह गलती से हो जाता है और कई बार कुछ हेयरड्रेसर जानबूझकर ऐसा करते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि वो अपनी फील्ड के एक्सपर्ट हैं और उनके हिसाब से वही लेंथ सही है।
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एक्सपर्ट बताते हैं
यूनिवसिर्टी कॉलेज डबलिन के डर्मेटोलॉजिकल साइंस के प्रोफेसर का मानना है कि बालों की ग्रोथ फॉलिकल्स से होती है, जोकि आपके स्कैल्प में 2-4 मिमी अंदर स्किन में जमी होती है। बालों के सतह पर दिखने से पहले ही हर फॉलिकल के अंदर हेयर फाइबर बन जाते हैं। आप जो बाल काटते हैं वो डैड होते हैं, सख्त हो चुके टिशूज। यदि सरफेस के ऊपर बालों को काट भी दिया जाए तो स्किन के अंदर क्या हो रहा है उस पर ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ता।