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    Lohri 2026: क्यों है लोहड़ी पर तिल-गुड़ का इतना महत्व? स्वाद, सेहत और संस्कृति में छिपा है जवाब

    Updated: Mon, 12 Jan 2026 02:11 PM (IST)

    बाहर कड़ाके की ठंड है और रजाई से निकलने का बिल्कुल मन नहीं कर रहा, है ना? लेकिन जरा सोचिए, 13 जनवरी का नजारा कुछ और ही होगा। कानों में पारंपरिक लोकगीत ...और पढ़ें

    Lohri 2026: लोहड़ी पर तिल-गुड़ का महत्व (Image Source: AI-Generated)

    Lohri 2026: लोहड़ी पर तिल-गुड़ का महत्व (Image Source: AI-Generated) 

    HighLights

    1. लोहड़ी जनवरी की कड़कड़ाती ठंड में आती है

    2. तिल और गुड़ दोनों की ही तासीर गर्म होती है

    3. 'लोहड़ी' शब्द का असली मतलब बहुत गहरा है

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। भारत में त्योहारों का मतलब सिर्फ पूजा-पाठ नहीं, बल्कि खान-पान और मस्ती भी होता है। 2026 में लोहड़ी का पर्व फिर से हमारे जीवन में खुशियां लेकर आ रहा है। इस दिन आग अग्नि के चारों ओर बैठकर नाचना-गाना तो होता ही है, लेकिन एक और चीज है जिसके बिना लोहड़ी अधूरी है- वह है तिल और गुड़। जी हां, क्या आपने कभी सोचा है कि लोहड़ी पर हम 'पॉपकॉर्न' या 'रेवड़ी' ही क्यों खाते हैं? आइए जानते हैं इसके पीछे छिपे 3 बड़े कारणों (Significance of Til and Gud on Lohri)।

    Scientific reason behind Lohri foods

    (Image Source: AI-Generated) 

    सेहत का राज

    लोहड़ी कड़ाके की ठंड के समय आती है। आयुर्वेद के अनुसार, तिल और गुड़ की तासीर 'गर्म' होती है। इस मौसम में हमारे शरीर को अंदर से गर्मी की जरूरत होती है।

    • तिल: इसमें ढेर सारा नेचुरल ऑयल और कैल्शियम होता है, जो सर्दियों में रूखी त्वचा को ठीक करता है और हड्डियों को मजबूत रखता है।
    • गुड़: यह न सिर्फ शरीर को इंस्टेंट एनर्जी देता है, बल्कि सर्दियों में होने वाली खांसी-जुकाम से भी बचाता है। इसके अलावा, यह हमारे शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में भी मदद करता है।

    Significance of Til and Gud on Lohri 2026

    (Image Source: AI-Generated) 

    संस्कृति और परंपरा

    पुरानी मान्यताओं के अनुसार, 'लोहड़ी' शब्द की उत्पत्ति 'तिलोहड़ी' से हुई थी, जो दो शब्दों 'तिल' और 'रोड़ी' (गुड़) से मिलकर बना है। लोहड़ी नई फसल के स्वागत का त्योहार है। किसान अपनी अच्छी फसल के लिए भगवान और प्रकृति का धन्यवाद करते हैं। लोहड़ी की पवित्र आग में तिल और गुड़ डालने का मतलब है- हम अपने पुराने दुखों को जला रहे हैं और आने वाले साल के लिए मिठास और खुशहाली मांग रहे हैं।

    Significance of Til and Gud on Lohri

    (Image Source: AI-Generated) 

    स्वाद में बेमिसाल

    सर्दियों की धूप में बैठकर तिल के लड्डू, गज्जक और रेवड़ी खाने का मजा ही कुछ और है। गुड़ की सोंधी मिठास और तिल का कुरकुरापन मिलकर एक ऐसा स्वाद बनाते हैं, जो हर उम्र के लोगों को पसंद आता है। यह स्वाद हमें हमारी जड़ों से जोड़े रखता है।

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    इस बार 2026 की लोहड़ी पर जब आप आग में तिल और गुड़ डालें, तो याद रखिएगा कि आप सिर्फ एक रस्म नहीं निभा रहे, बल्कि अपनी सेहत और संस्कृति को भी मजबूत बना रहे हैं।

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