नाचोस से लेकर सैंडविच तक... इंसानों के नाम पर मशहूर हुईं दुनिया की 10 डिशेज, बेहद फिल्मी है इनकी कहानी
इस आर्टिकल में आप दुनिया की 10 मशहूर डिशेज के बारे में जानेंगे, जिनके नाम इंसानों से जोड़कर रखे गए हैं। ...और पढ़ें

10 ऐसी पॉपुलर डिशेज, जिन्हें असल लोगों ने दी पहचान (Image Source: AI-Generated)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। हम जब भी किसी कैफे या रेस्टोरेंट में जाते हैं, तो आमतौर पर हमारा ध्यान मेन्यू पर लिखी डिशेज और उनकी कीमतों पर तो जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी प्लेट तक पहुंचने वाले कुछ व्यंजन ऐसे भी हैं जिनका नाम किसी जगह या उन्हें पकाने के तरीके पर नहीं, बल्कि इंसानों के नाम पर रखा गया है।
जी हां, आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं ऐसी 10 वर्ल्ड-फेमस डिशेज की कहानी, जिन्हें असल लोगों के नाम पर ही पहचान मिली।
पिज्जा मार्गेरिटा
दुनिया के सबसे सादे और बेहतरीन पिज्जा का नाम इटली की रानी 'मार्गेरिटा ऑफ सवॉय' के नाम पर रखा गया है। 1889 में रानी ने नेपल्स शहर का दौरा किया। वहां के जाने-माने पिज्जा मेकर राफेल एस्पोसिटो ने उनके सामने तीन तरह के पिज्जा पेश किए। रानी को टमाटर, मोजेरेला चीज और बेसिल से सजा पिज्जा इतना भाया कि इसे बनाने वाले ने रानी के सम्मान में इसका नाम 'पिज्जा मार्गेरिटा' रख दिया। मजेदार बात यह है कि इस पिज्जा के लाल, सफेद और हरे रंग इटली के झंडे को दर्शाते हैं।
चिकन टेट्राजिनी
यह क्रीमी बेक्ड पास्ता डिश 20वीं सदी की शुरुआत की मशहूर इतालवी ओपेरा सिंगर 'लुइसा टेट्राजिनी' के नाम पर है। कहा जाता है कि जब लुइसा अपनी शोहरत के शिखर पर थीं, तब अमेरिकी शेफ्स ने उनके सम्मान में यह डिश ईजाद की थी। चिकन, मशरूम, स्पैगेटी और क्रीम-चीज सॉस से बनी यह डिश आज भी कई लोगों का फेवरेट कम्फर्ट फूड है।
सीजर सलाद
अगर आपको लगता है कि इसका नाम रोमन जनरल जूलियस सीजर से जुड़ा है, तो आप गलत हैं। असल में यह 1924 की बात है। मैक्सिको के तिजुआना में 'सीजर कार्डिनी' नाम के एक इतालवी-अमेरिकी व्यक्ति का रेस्टोरेंट था। 4 जुलाई की छुट्टियों के दौरान जब उनके किचन का राशन खत्म होने लगा, तो उन्होंने जुगाड़ लगाते हुए बचे हुए रोमेन लेट्यूस, लहसुन, वूस्टरशायर सॉस, नींबू का रस, ऑलिव ऑयल, परमेसन चीज, अंडा और क्राउटन को मिलाकर एक सलाद तैयार किया। यही जुगाड़ आज का मशहूर सीजर सलाद बन गया।
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सैंडविच
क्या आप सोच सकते हैं कि ताश खेलने के जुनून से एक ऐसी डिश बन सकती है जो आज दुनिया भर का लंच है? यह कहानी 1760 के दशक की है। 'जॉन मोंटेग्यू' जुआ खेलने में इतने मग्न थे कि खाने के लिए उठना नहीं चाहते थे। उन्होंने अपने सर्वेंट से कहा कि उन्हें ब्रेड के दो स्लाइस के बीच भुना हुआ मीट रखकर दिया जाए, ताकि वे एक हाथ से खाते हुए अपना खेल जारी रख सकें। जल्द ही उनके साथियों ने भी सैंडविच जैसा खाना मांगना शुरू कर दिया और यह नाम अमर हो गया।
नाचोस
साल 1943 में मैक्सिको के पिएड्रास नेग्रास के एक रेस्टोरेंट का किचन बंद हो चुका था। तभी कुछ अमेरिकी सैन्य अधिकारी अपनी पत्नियों के साथ वहां खाना खाने पहुंचे। वहां काम करने वाले इग्नासियो अनाया ने ग्राहकों को भूखा लौटाने के बजाय, टॉर्टिला चिप्स को फ्राई किया, उस पर कद्दूकस किया हुआ चीज और कटे हुए एलापिनो डाले और उसे गर्म करके परोस दिया। यह प्रयोग इतना स्वादिष्ट लगा कि इसे मेन्यू में 'नाचोस एस्पेशियल्स' के नाम से शामिल कर लिया गया।
एग्स बेनेडिक्ट
1894 में न्यूयॉर्क के वाल्डोर्फ होटल में एक वॉल स्ट्रीट ब्रोकर 'लेमुएल बेनेडिक्ट' भारी हैंगओवर के साथ पहुंचे। उन्होंने इसे उतारने के लिए बटर टोस्ट, पोच्ड एग्स, बेकन और हॉलैंडाइज सॉस का ऑर्डर दिया। होटल के हेड वेटर को यह कॉम्बिनेशन बहुत कमाल का लगा। उसने टोस्ट को इंग्लिश मफिन और बेकन को हैम से बदल दिया। इस छोटे से बदलाव ने इसे ब्रंच की सबसे शानदार डिश बना दिया।
नेपोलियन पेस्ट्री
इस पेस्ट्री के नाम को लेकर आज भी रहस्य बना हुआ है। कुछ लोगों का मानना है कि इसका नाम मशहूर फ्रांसीसी शासक 'नेपोलियन बोनापार्ट' के नाम पर रखा गया है। वहीं, कुछ इतिहासकार कहते हैं कि यह इटली के नेपल्स शहर से जुड़े शब्द 'Napolitain' से निकला है। वजह चाहे जो भी हो, पफ पेस्ट्री और सिल्की क्रीम की लेयर वाली यह मिठाई खाने में लाजवाब होती है।
ग्रैहम क्रैकर्स
आपको यह जानकर हैरानी होगी कि ग्रैहम क्रैकर्स की शुरुआत सेहतमंद खाने के तौर पर हुई थी। इनका नाम एक मंत्री और पोषण विशेषज्ञ 'सिल्वेस्टर ग्रैहम' के नाम पर रखा गया था। उन्होंने लोगों को प्रोसेस्ड खाने से दूर रहने और साबुत अनाज खाने की सलाह दी थी। उन्हीं के नाम पर मोटे पीसे हुए साबुत गेहूं के आटे से ये क्रैकर्स बनाए गए। आज विडंबना यह है कि यह 'सादा' क्रैकर चीजकेक और मीठे स्नैक्स का एक अहम हिस्सा बन चुका है।
कार्पेचियो
यह डिश उसे बनाने वाले के नाम पर नहीं है। दरअसल, 1950 में रेस्टोरेंट मालिक ग्यूसेप सिप्रियानी के पास एक ऐसा ग्राहक आया जो पका हुआ मांस नहीं खा सकता था। सिप्रियानी ने उसके लिए कच्चे मांस को बिल्कुल पतले टुकड़ों में काटकर एक डिश बनाई। इस कच्चे मांस का गहरा लाल रंग वेनिस के एक मशहूर चित्रकार 'विटोर कार्पेचियो' की पेंटिंग्स जैसा दिखता था। बस फिर क्या था, इस डिश का नाम उसी पेंटर के नाम पर रख दिया गया।
पावलोवा
यह मिठाई 1920 के दशक की मशहूर रूसी डांसर 'अन्ना पावलोवा' के नाम पर रखी गई है। पावलोवा में बाहर से एक क्रिस्पी लेयर होती है, अंदर से यह मार्शमैलो की तरह मुलायम होती है और ऊपर से इसे व्हीप्ड क्रीम और ताजे फलों से सजाया जाता है। मजेदार बात यह है कि इस डिश का आविष्कार किसने किया, इसे लेकर ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड के बीच आज भी टक्कर चलती है।