मलीहाबादी आम का सीजन शुरू: खरीदते समय न खाएं धोखा, 5 तरीकों से पहचानें असली दशहरी
गर्मी के मौसम में असली मलीहाबादी दशहरी आम की पहचान करना बेहद जरूरी है, क्योंकि दुकानदार अक्सर नकली या केमिकल से पके आम बेचते हैं। ...और पढ़ें

असली मलीहाबादी दशहरी आम की पहचान कैसे करें? (Image Source: AI-Generated)

समय कम है?
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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। गर्मियों का मौसम हो और आम का जिक्र न हो, ऐसा तो हो ही नहीं सकता है। फलों के राजा आम में अगर किसी का नाम सबसे ऊपर आता है, तो वह है उत्तर प्रदेश के मलीहाबाद का मशहूर 'दशहरी' आम। इसका स्वाद इतना लाजवाब होता है कि जो इसे एक बार खा ले, वह इसका दीवाना हो जाता है।
सीजन शुरू होते ही बाजारों में दशहरी आम की भरमार हो जाती है, लेकिन मुनाफे के चक्कर में कई बार दुकानदार साधारण या केमिकल से पकाए गए आमों को मलीहाबादी बताकर बेच देते हैं। ऐसे में, आपके लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि असली आम की पहचान कैसे की जाए ताकि आपके पैसे और स्वाद दोनों खराब न हों।
आइए, इस आर्टिकल में जानते हैं वे 5 आसान तरीके जिनसे आप बाजार में असली मलीहाबादी दशहरी की पहचान कर सकते हैं।

(Image Source: AI-Generated)
खास आकार और बनावट
असली दशहरी आम कभी भी पूरी तरह गोल नहीं होता। यह थोड़ा लंबा और हल्का अंडाकार होता है। इसके नीचे का हिस्सा हल्का-सा नुकीला या घुमावदार होता है। अगर कोई दुकानदार आपको गोल आम दशहरी बताकर दे रहा है, तो तुरंत समझ जाइए कि वह असली नहीं है।
पतला छिलका और प्राकृतिक रंग
मलीहाबादी दशहरी का छिलका बहुत ही पतला और कागज जैसा मुलायम होता है। पकने के बाद इसका रंग एकदम चटक या आर्टिफिशि पीला नहीं होता, बल्कि यह हल्का पीला और हरे रंग का मिला-जुला शेड होता है। अगर आम असामान्य रूप से एक समान चमकीला पीला दिख रहा है, तो हो सकता है कि उसे कार्बाइड से पकाया गया हो।
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मन मोह लेने वाली खुशबू
असली मलीहाबादी दशहरी की सबसे बड़ी पहचान उसकी महक है। आम के डंठल के पास सूंघकर देखें। असली आम में से एक बहुत ही मीठी, सोंधी और नेचुरल खुशबू आती है, जो इतनी तेज होती है कि दूर से ही आपको अपनी तरफ खींच लेगी। बिना खुशबू वाले आम अक्सर बेस्वाद होते हैं।
पतली और छोटी गुठली
असली दशहरी आम की गुठली इसके आकार के मुकाबले काफी पतली और चपटी होती है। पतली गुठली होने का सीधा सा मतलब है कि इस आम में आपको खाने के लिए ज्यादा गूदा मिलता है। यह इस आम की एक बहुत ही खास निशानी है।
बिना रेशे वाला मक्खन जैसा गूदा
हालांकि, यह पहचान आप आम को काटने के बाद ही कर सकते हैं, लेकिन यह सबसे पक्की पहचान है। दशहरी आम का गूदा बिल्कुल मक्खन की तरह मुलायम होता है और इसमें आपको रेशे बिल्कुल नहीं मिलेंगे। इसे खाने पर यह सीधा मुंह में घुल जाता है और इसका स्वाद शहद जैसा मीठा होता है।
इस बार जब आप बाजार जाएं, तो इन 5 बातों का ध्यान जरूर रखें और अपने परिवार के साथ असली मलीहाबादी दशहरी के बेजोड़ स्वाद का जमकर आनंद लें।
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