मालदा नहीं, यूपी का ये छोटा-सा कस्बा है दुनिया की 'आम की राजधानी'! 200 साल पुराना है इसका इतिहास
दुनिया की असली 'आम की राजधानी' पश्चिम बंगाल का मालदा नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के लखनऊ के पास स्थित मलिहाबाद है। हालांकि, कम लोग ही इसके बारे में जानते ...और पढ़ें

मलिहाबाद है दुनिया की असली आम राजधानी (Picture Credit- AI Generated)
HighLights
दुनिया की आम राजधानी मलिहाबाद, उत्तर प्रदेश में स्थित है
मलिहाबाद में 200 साल पुराना दशहरी आम का मातृ वृक्ष मौजूद है
यहां दशहरी, लंगड़ा, चौसा जैसी कई प्रसिद्ध आम किस्में मिलती हैं
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। गर्मियां आते ही लोग पसीने और चिलचिलाती धूप से परेशान होने लगते हैं, लेकिन इस दौरान एक ऐसा स्वाद भी चखने को मिलता है, जिसका इंतजार शायद हर कोई पूरे साल करता है। हम बात कर रहे हैं फलों के राजा आम की, जो कई लोगों का पसंदीदा फल होता है।
खासकर भारत में यह सिर्फ एक फल नहीं, बल्कि एक इमोशन है। हम में से शायद हर किसी ने बचपन में आम खाने के लिए भाई-बहनों के साथ मीठी नोकझोंक की ही होगी। दुनियाभर में आम की कई किस्में लोकप्रिय हैं, लेकिन इन सबके बीच क्या आपने कभी सोचा है कि दुनिया की असली मैंगो कैपिटल यानी आम की राजधानी (Mango Capital of the World) आखिर है कहां? आइए जानते हैं इस सवाल का जवाब-
ये शहर है खास
जब 'आमों के शहर' की बात आती है, तो दिमाग में सबसे पहले पश्चिम बंगाल के 'मालदा' का नाम आता है। मालदा बेशक अपनी 'फजली' किस्म के लिए मशहूर है और इसे भारत में मैंगो सिटी कहा जाता है, लेकिन जब बात "दुनिया की आम की राजधानी" की आती है, जो जवाब पूरी तरह बदल जाता है।
जी हां, असल में मैंगो कैपिटल का खिताब उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पास बसे एक छोटे और खूबसूरत कस्बे मलिहाबाद को दिया गया है। यह सुनकर भले ही हैरान करने वाली लगे, लेकिन आम के मामले में मलिहाबाद की नवाबी का दुनिया में कोई मुकाबला नहीं है।
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क्यों खास है मलिहाबाद?
अब दूसरा सवाल यह उठता है कि आखिर यह खिताब मलिहाबाद को यह खिताब क्यों दिया है। ऐसा इसलिए क्योंकि यहां आम उगाने की एक पुरानी विरासत रही है, जिसका इतिहास नवाबों के दौर से जुड़ा हुआ है। यहां की आबोहवा और उपजाऊ मिट्टी आम की खेती के लिए बेहद बेहतरीन है।

(Picture Credit- AI Generated)
यही वजह है कि यहां पैदा होने वाले आमों की मिठास, मनमोहक खुशबू और मुलायम गूदे का कोई मुकाबला नहीं है। आपको जानकर हैरानी होगी कि मलिहाबाद की शान माने जाने वाले 'दशहरी' आम का 200 साल पुराना 'मातृ वृक्ष' आज भी यहां शान से खड़ा है।
मलिहाबाद की खासियत
मलिहाबाद की पहचान सिर्फ दशहरी तक सीमित नहीं है। यहां के बागों में आम की कई ऐसी किस्में उगती हैं, जो देश-विदेश में पसंद की जाती हैं:
- दशहरी: यह इस इलाके की जान है! यह बिना रेशे वाला, बेहद मीठा और मुलायम आम होता है।
- लंगड़ा: पकने के बाद भी छिलके से हरा दिखने वाला यह आम अपने लाजवाब खट्टे-मीठे स्वाद के लिए मशहूर है।
- चौसा: यह रस से भरा आम है, जिसे चूसकर खाने का अपना अलग ही मजा है।
- सफेदा: आकार में बड़ा, मलाईदार गूदे वाला यह आम हल्की मिठास पसंद करने वालों की पहली पसंद है।
- आम्रपाली: गहरे नारंगी रंग और तीखे-मीठे स्वाद वाला यह हाइब्रिड आम भी खूब चाव से खाया जाता है।