ओडिशा या पश्चिम बंगाल: आखिर कहां बना था सबसे पहली बार रसगुल्ला? मजेदार है इस मिठाई का इतिहास
रसगुल्ले की उत्पत्ति को लेकर ओडिशा और पश्चिम बंगाल के बीच अक्सर विवाद रहता है, दोनों राज्य इसे अपनी देन बताते हैं। ...और पढ़ें

कहां बना था पहली बार रसगुल्ला? (AI Generated Image)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। मिठाइयों की बात करें, तो रसगुल्ले का नाम सबसे पहले दिमाग में आता है। स्पंजी और चाशनी में डूबा रसगुल्ला भारत की सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली मिठाइयों में से एक है। शादी-ब्याह हो या कोई खुशी का मौका, रसगुल्ले के बिना सेलिब्रेशन अधूरा लगता है, लेकिन क्या आप जानते हैं ये पहली बार कहां बना था?
रसगुल्ले की शुरुआत कहां हुई थी, इस बात को दो राज्यों के बीच अक्सर विवाद चलता रहता है। पश्चिम बंगाल का मानना है कि रसगुल्ला उनकी देन है, जबकि ओडिशा खुद को रसगुल्ला पहली बार बनाने का श्रेय देता है। आइए जानते हैं क्या है रसगुल्ले की कहानी।
खीर मोहना से पहला रसगुल्ला
ओडिशा का दावा है कि रसगुल्ले की जड़ें भगवान जगन्नाथ से जुड़ी हैं और यह कई शताब्दियों से ओडिशा की कहानियों से जुड़ा है। ऐसा माना जाता है कि जब रथ यात्रा पर जब भगवान जगन्नाथ माता लक्ष्मी के बिना ही चले जाते हैं, तो वो उनसे नाराज हो जाती हैं। ऐसे में उन्हें मनाने के लिए मंदिर लौटते समय भगवान जगन्नाथ माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए अपने साथ रसगुल्ले लेकर जाते हैं। इसे निलाद्री बीजे कहा जाता है।
इस रसगुल्ले को पारंपरिक रूप से खीर मोहना कहा जाता है, जो पूरे ओडिशा में काफी मशहूर है। इसकी बनावट भी काफी मुलायम होती है और रंग थोड़ा भूरा होता है। इसलिए ओडिशा दावा करता है कि रसगुल्ला सबसे पहले उन्हीं के यहां बना था।
खबरें और भी
नवीन चंद्र दास के स्पंजी रसगुल्ले
वहीं पश्चिम बंगाल का मानना है कि आज के सफेद और स्पंजी रसगुल्ले सबसे पहले कोलकाता में बने थे। दरअसल, पश्चिम बंगाल के लोग दावा करते हैं कि साल 1868 में कोलकाता के एक हलवाई नवीन चंद्र दास ने सबसे पहले रसगुल्ला बनाया था। उन्होंने फटे दूध में सूजी का इस्तेमाल करके रसगुल्ला बनाया था।
दोनों रसगुल्लों को मिला GI टैग
रसगुल्ला सबसे पहले कहां बना ये अलग मुद्दा है, लेकिन दोनों ही रसगुल्ले काफी स्वादिष्ट होते हैं और इनकी अपनी-अपनी खासियत है। इसलिए ही साल 2017 में पश्चिम बंगाल के रसोगुल्ला और साल 2019 में ओडिशा के रासगोला को जीआई टैग मिला। रसगुल्ले के ये दोनों ही प्रकार काफी स्वादिष्ट और मुलायम होते हैं। इसलिए इन इनका स्वाद जरूर चखना चाहिए।