भारत के अलग-अलग हिस्सों में कैसे बदल जाता है 'रायते' का स्वाद? आपकी थाली की रौनक बढ़ा देगी ये लिस्ट
भारत एक ऐसा देश है जहां हर कुछ मील पर सिर्फ भाषा ही नहीं, बल्कि थाली का अंदाज भी बदल जाता है। ...और पढ़ें

एक रायता और कई स्वाद, जानिए कैसे बदल जाता है जायका (Image Source: AI-Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय खाने की थाली तब तक अधूरी-सी लगती है, जब तक उसमें ठंडा और स्वादिष्ट रायता न परोसा जाए। रायता न सिर्फ हमारे खाने का स्वाद बढ़ाता है, बल्कि इसे पूरा भी करता है।
हालांकि, क्या आप जानते हैं कि जैसे-जैसे हम भारत के एक हिस्से से दूसरे हिस्से की तरफ बढ़ते हैं, वैसे-वैसे रायते का रूप और स्वाद भी बिल्कुल बदल जाता है?
आइए एक नज़र डालते हैं भारत के अलग-अलग क्षेत्रों में खाए जाने वाले खास तरह के रायतों की लिस्ट पर, जो आपकी रोजमर्रा की थाली की रौनक को कई गुना बढ़ा सकते हैं।

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उत्तर भारत के चटकदार रायते
उत्तर भारत के खाने में रायते की एक बहुत ही खास जगह है और यहां इसकी कई शानदार वैरायटी देखने को मिलती हैं। यहां की थाली में आपको मुज चेटनी और अलग तरह का छुआरे का रायता मिल जाएगा।

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इसके अलावा हर घर की पहली पसंद बूंदी रायता और खास बथुआ रायता भी यहां बहुत मशहूर हैं। अगर आप पहाड़ी स्वाद चखना चाहते हैं, तो पहाड़ी राई-वाला रायता और मशहूर सन्नाटा रायता आपके खाने के अनुभव को बेहतरीन बना देंगे।
पश्चिम भारत का अनोखा स्वाद
पश्चिम भारत की बात करें, तो यहां के रायते अपने बिल्कुल अलग और अनोखे अंदाज के लिए जाने जाते हैं। इस क्षेत्र में आपको पितोड़ का रायता और दाल रायता का स्वाद चखने को मिलेगा।

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इसके साथ ही, यहां सेंगदाना रायता और बिम्बला सासव भी खाने का अहम हिस्सा माने जाते हैं।
मध्य भारत की ताजगी
देश के मध्य भाग में रायते का स्वाद बहुत ताजगी भरा होता है। यहां मुख्य रूप से पुदीने का रायता बहुत पसंद किया जाता है।

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इसके अलावा, यहां कद्दू धुंगार का रायता भी काफी फेमस है, जो भोजन में एक शानदार स्वाद जोड़ता है।
पूर्वी भारत का जायका

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पूर्वी भारत में भी रायते की अपनी एक अलग पहचान है। यहां लौकी का रायता और खुशबूदार तड़का रायता खूब चाव से खाया जाता है। इसके साथ ही, पूर्वी भारत की थाली में अम्बुला राई और खीरे का रायता जैसे जायकेदार विकल्प भी शामिल होते हैं।
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दक्षिण भारत की पारंपरिक पचहड़ी और ताम्बुली

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दक्षिण भारत की तरफ जाने पर रायते को एक बिल्कुल नए रूप में परोसा जाता है। यहां आपको मेंथे या दोड्डापत्रे ताम्बुली जैसे खास व्यंजन मिलेंगे। इसके अलावा, बीटरूट पचड़ी और बुरानी रायता भी यहां के भोजन की जान हैं। वहीं, वेंगाया तायिर पचहड़ी और पेरुगु पचहड़ी के बिना तो साउथ इंडियन थाली लगभग अधूरी ही मानी जाती है।