साइलेंट किलर बन सकती है दिल की बीमारी! जानिए क्यों महिलाएं अक्सर अनजाने में कर बैठती हैं ये गलतियां
हार्ट डिजीज सिर्फ पुरुषों को ही होती है इस तरह की भ्रांतियां महिलाओं को अपने हार्ट हेल्थ का ख्याल रखने के आड़े आती हैं। ...और पढ़ें
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महिलाओं की दिल की बीमारी (Picture Credit- AI Generated)
HighLights
महिलाओं की हार्ट हेल्थ को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है
हाई ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल की नियमित जांच कराना जरूरी है
हार्ट अटैक के अलग लक्षणों को पहचानें, धूम्रपान पूरी तरह छोड़ दें
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। दूसरों की सेहत का ख्याल रखते हुए और बाकी जिम्मेदारियां निभाने के कारण महिलाएं अपनी सेहत को नजरअंदाज कर देती हैं। सिर्फ मेनोपॉज की उम्र में ही नहीं, बल्कि कई स्टडीज बताती हैं कि महिलाओं को उम्र के अलग-अलग पड़ाव पर हार्ट से जुड़ी कई सारी समस्याओं का खतरा रहता है।
इतना ही नहीं हार्ट हेल्थ को लेकर की जाने वाली कुछ गलतियां भी इलाज में रुकावट का कारण बनती हैं, आइए उनके बारे में थोड़ा और करीब से जानते हैं।
संकेत मिलने का इंतजार
अपनी बॉडी को समझना अच्छी बात है लेकिन हाई ब्लड प्रेशर और हाई कोलेस्ट्रॉल एक साइलेंट किलर की तरह होते हैं। इसलिए लक्षण नजर आने से पहले अपने ब्लड प्रेशर, कोलस्ट्रॉल और ब्लड शुगर की नियमित रूप से जांच कराते रहें।
वेट लॉस के लिए स्मोकिंग का सहारा
अब महिलाओं में भी स्माकिंग की दर बढ़ती जा रही है और इसे वो वेट लॉस से भी जोड़कर देखती हैं। लेकिन वेट लॉस के लिए कई और भी हेल्दी तरीके हैं स्मोकिंग को विकल्प ना बनाएं।
खतरे के संकेतों से अनजान
पुरुषों की तुलना में महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण अलग होते हैं। हर किसी को ही सीने में दर्द और भारीपन महसूस हो जरूरी नहीं। मितली, पेट में दर्द, सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण नजर आने पर तुरंत ही डॉक्टर को दिखाएं।
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प्रेग्नेंसी के बाद सब ठीक हो जाएगा
प्रेग्नेंसी के दौरान होने डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर की समस्या को यह सोचकर नजरअंदाज कर देना कि बच्चे के बाद सब ठीक हो जाएगा, खतरनाक हो सकता है। इस तरह की परेशानियां बढ़ती उम्र के साथ आपके हार्ट डिजीज के खतरे को बढ़ा सकती हैं।
इस तरह के लक्षणों को न करें नजरअंदाज
अलग-अलग महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण अलग होते हैं और जरूरी नहीं कि हर बार ही सीने में तेज दर्द उठे ही। इस तरह के लक्षण नजर आने पर सतर्क हो जाएं:
- सीने में दबाव और जलन की समस्या यहीं तक सीमित न रहकर पेट या जबड़ों तक पहुंच जाए।
- सीने में जकड़न या टाइटनेस महसूस होना जोकि हाथों, गर्दन या पीठ तक पहुंच रही हो।
- अचानक ही सांस लेने में परेशानी महसूस होने लगे।
- मितली या उल्टी होना
- पसीना आना
- सिर में हल्कापन या चक्कर महसूस होना
- अत्यधिक थकान लगना
- पचने में परेशानी होना
अगर पहले से ही हार्ट डिजीज हो
- धूम्रपान पूरी तरह छोड़ दें
- रेगुलर एक्सरसाइज करें जैसे हर दिन कम से कम 30 मिनट की वॉक
- फल, सब्जियां, साबुत अनाज और मछली को ज्यादा से ज्यादा डाइट में शामिल करें।
- वजन संतुलित रखें, ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और शुगर के स्तर को सही बनाए रखें।