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    इंसानी दिल में है हार्ट अटैक के बाद 'रीजेनरेट' होने की ताकत, वैज्ञानिकों ने किया चौंकाने वाला खुलासा

    Updated: Sat, 31 Jan 2026 12:38 PM (IST)

    क्या आप जानते हैं कि अब तक मेडिकल साइंस यह मानता था कि एक बार हार्ट अटैक आने के बाद दिल की मांसपेशियां कभी दोबारा नहीं बनतीं, लेकिन ऑस्ट्रेलिया से आई ...और पढ़ें

    हार्ट अटैक के बाद अब खुद को 'रिपेयर' कर सकता है हमारा दिल (Image Source: Freepik)

    हार्ट अटैक के बाद अब खुद को 'रिपेयर' कर सकता है हमारा दिल (Image Source: Freepik) 

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    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। यूनिवर्सिटी ऑफ सिडनी के वैज्ञानिकों ने अपनी एक स्टडी में यह दावा किया है कि इंसानी दिल में खुद को ठीक करने की क्षमता होती है। रिसर्च में यह बात सामने आई है कि हार्ट अटैक के बाद हमारे हार्ट में नए 'मसल सेल्स' बनते हैं, जिसका मतलब है कि दिल कुछ हद तक अपने आप को रिपेयर कर सकता है (Self-Repair Mechanism of Human Heart)।

    Heart Attack

    (Image Source: Freepik) 

    हार्ट अटैक के बाद असल में होता क्या है?

    अक्सर हम सुनते हैं कि किसी को हार्ट अटैक आया है, लेकिन शरीर के अंदर क्या घटता है, इसे समझना जरूरी है। अटैक तब होता है जब दिल तक खून का पहुंचना बंद हो जाता है। खून न मिलने से ऑक्सीजन की कमी हो जाती है और दिल की कोशिकाएं मरने लगती हैं।

    अब तक हमें पता था कि इस नुकसान की भरपाई करने के लिए हमारा शरीर 'स्कार टिशू' बनाता है। आसान भाषा में कहें तो यह एक तरह का निशान या धब्बा है। समस्या यह है कि यह 'स्कार टिशू' दिल की सामान्य मांसपेशियों की तरह काम नहीं करता। इसके कारण दिल की खून पंप करने की ताकत कम हो जाती है, जिससे हार्ट फेलियर या दोबारा अटैक आने का खतरा काफी बढ़ जाता है।

    Human Heart Has Potential for Self-Repair

    (Image Source: Freepik)

    वैज्ञानिकों को मिली नई उम्मीद

    इस स्टडी से जुड़े कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. रॉबर्ट ह्यूम का कहना है कि यह खोज बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि दिल में नए मसल सेल्स का बनना यह दर्शाता है कि इंसानी शरीर में भी रिकवरी की उम्मीद है, जो पहले नहीं मानी जाती थी।

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    चूहों से मिली इंसानों को समझने की दिशा

    हैरानी की बात यह है कि वैज्ञानिकों ने पहले यह क्षमता चूहों जैसे कुछ जानवरों में देखी थी। यह पाया गया था कि चोट लगने पर चूहों का दिल अपनी मांसपेशियों को खुद रिपेयर कर लेता है। लेकिन, इंसानों के बारे में अब तक यह राय थी कि हमारे पास यह शक्ति नहीं है।

    यूनिवर्सिटी ऑफ सिडनी की इस नई रिसर्च ने पहली बार यह साबित किया है कि इंसानों में भी यह अद्भुत क्षमता मौजूद है। यह खोज भविष्य में हार्ट के इलाज के तरीकों में बड़े बदलाव ला सकती है।

    Source: The University of Sydney

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